जी हां दोस्तो देहरादून हत्याकांड में ओवरटेक नहीं, बल्कि असली कारण कुछ और था। दोस्तो Dehradun में हुए ब्रिगेडियर हत्याकांड ने पूरे शहर को हिला दिया, लेकिन अब इस सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस घटना को अब तक ओवरटेकिंग का विवाद माना जा रहा था, उसकी असली वजह कुछ और ही निकली! क्या था वो कारण जिसने मामूली बहस को गोलियों तक पहुंचा दिया? कैसे एक पूर्व सेना अधिकारी इस हिंसा का शिकार बन गया? और आखिर कहां से शुरू हुई इस खौफनाक वारदात की पूरी कहानी?देखिए मेंरी इस रिपोर्ट में, जहां मै आपको बताउंगा देहरादून हत्याकांड का पूरा सच। दोस्तो ये बड़ी खबर है और पुलिश का बड़ा एक्शन देखने को मिला है। दोस्तो देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में 30 मार्च (सोमवार) की सुबह गोलीकांड और रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्या मामले में देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के बयान से नया मोड़ आ गया है। साथ ही विवाद का कारण भी स्पष्ट हो गया है। पूरा विवाद कारों के ओवरटेक से हटकर अब क्लब के ‘बिल’ पर शुरू हुए विवाद पर डायवर्ट हो गया है। फिलहाल देहरादून पुलिस ने मसूरी रोड स्थित क्लब को सील कर दिया है। लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई के लिए डीएम को सिफारिश की गई है।
दोस्तो देहरादून एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के मुताबिक, सोमवार सुबह राजधानी में हुई गोलीबारी की घटना के सिलसिले में पुलिस ने मसूरी रोड पर स्थित ‘जेन जी क्लब’ को सील कर दिया है और उसके लाइसेंस को रद्द करने के लिए देहरादून जिलाधिकारी सविन बंसल को सिफारिश भेजी है। दोस्तो Dehradun के एसएसपी Pramendra Dobhal मुताबिक, राजधानी में आज सुबह हुई फायरिंग की घटना के संबंध में पुलिस ने मसूरी रोड स्थित जेन जी क्लब को सील कर दिया है। साथ ही क्लब का लाइसेंस रद्द करने के लिए जिलाधिकारी को संस्तुति भेजी गई है। फायरिंग में शामिल युवक पिछली रात जेन जी क्लब में मौजूद थे, जहां उनका बिल को लेकर क्लब स्टाफ से विवाद हुआ था। जब क्लब संचालक परिसर बंद कर बाहर निकले, तो वही युवक उनका पीछा करने लगे। स्थिति जोहड़ी गांव में पहुंचकर और बिगड़ गई, जहां दो पक्षों के बीच विवाद बढ़कर फायरिंग में बदल गया। इस दौरान मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड आर्मी ब्रिगेडियर वी.के. जोशी को गोली लग गई, जिससे उनकी मौत हो गई। एसएसपी ने यह भी कहा कि फायरिंग में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। जी हां दोस्तो एसएसपी डोबाल ने बताया कि, गोलीबारी में शामिल लोग 29 मार्च की रात ‘जेन जी क्लब’ में ही थे, जहां बिल को लेकर क्लब के स्टाफ से उनका झगड़ा हो गया था। उन्होंने कहा कि, आज 30 मार्च की सुबह, जब क्लब के संचालक परिसर बंद करके निकले, तो उन्हीं युवकों ने उनका पीछा किया। जोहरी गांव में स्थिति और बिगड़ गई, जहां दो गुटों के बीच कहा-सुनी के बाद गोलीबारी हो गई। इस घटना में सेना के रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी, जो सुबह की सैर पर निकले थे, को गोली लग गई और उनकी मौत हो गई। एसएसपी ने आश्वासन दिया है कि गोलीबारी में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा। दोस्तो गौर करने वाली बात ये है कि गोलीकांड में शामिल दिल्ली नंबर की स्कॉर्पियो वाहन में सवार युवक फरार चल रहे हैं, जबकि फॉर्च्यूनर कार सवार युवकों को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल पूछताछ चल रही है उधर, घटना से जुड़ा एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें गोली चलने और स्कॉर्पियो द्वारा तेज रफ्तार में फॉर्च्यूनर कार का पीछा करते देखा जा रहा है। तो दोस्तों, देहरादून के इस हत्याकांड ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि छोटी सी कहासुनी भी कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है। एक पूर्व ब्रिगेडियर की जान चली गई और अब पुलिस पूरे मामले की कड़ी जांच में जुटी है।उम्मीद है कि जल्द ही सभी आरोपी कानून के शिकंजे में होंगे और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।फिलहाल, हम आपसे यही अपील करेंगे—सड़क पर संयम रखें, क्योंकि एक पल का गुस्सा जिंदगी भर का पछतावा बन सकता है।