नगर निगम देहरादून की तीसरी बोर्ड बैठक 26 अगस्त को निगम मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें स्ट्रीट डॉग्स के बढ़ते आतंक, सफाई व्यवस्था की बदहाली और पालतू कुत्तों को लेकर कई कड़े और अहम फैसले लिए गए। Dehradun Municipal Corporation ki बैठक की शुरुआत उत्तरकाशी और चमोली आपदा में मृतकों को श्रद्धांजलि देकर की गई, जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि मेयर सौरभ थपलियाल की मध्यस्थता के बाद माहौल शांत हुआ और 26 प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।नगर निगम महापौर सौरभ थपलियाल और नगर आयुक्त नमामि बंसल की बोर्ड तैयारी का प्लान सफल रहा है। 329 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया। करीब साढ़े 11 घंटे चली बैठक में 40 से ज्यादा प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें कुत्तों पर नीति, डेयरी नीति, पथ प्रकाश व्यवस्था, यूजर चार्ज में 50 फीसदी छूट अहम प्रस्ताव शामिल हैं। पार्षद के बहिष्कार की बात के बाद शुरू हुई बैठक देर रात तक चलती रही।
नगर निगम ने कुत्तों का रजिस्ट्रेशन या फिर टीकाकरण नहीं कराने पर जुर्माने की रकम 200 रुपए से बढ़ाकर 5000 रुपए करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही अगर कोई व्यक्ति कुत्ते को खुले में कोई शौच करवाता है तो उस पर भी पांच हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। इस अभियान के लिए पशु चिकित्सा के लिए टीम बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही 23 बैन कुत्तों के लिए तभी रजिस्ट्रेशन होगा, जब डॉग मालिक अपने कुत्ते की ट्रेनिंग का सर्टिफिकेट जमा करेगा। अगर कोई अपना पालतू कुत्ता खुला घूमता है तो उस पर भी 3000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा पालतू कुत्ते को सड़क पर खाना खिलाने पर भी 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही सड़क पर फीडिंग कराने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा। बंदरों के आतंक के लिए वन विभाग की टीम के साथ अभियान चलाया जाएगा।