उत्तराखंड: अब सोशल मीडिया पर पूर्व सीएम त्रिवेंद्र का बयान वायरल, हरक सिंह और हरीश रावत को खींचा

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मुझे बीच में क्यों ला रहे ये हरीश-हरक का आंतरिक मामला
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के बयानों के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर त्रिवेंद्र ने कहा उन्हें बीच में क्यों डाला जा रहा है ये हरीश रावत और हरक सिंह का आंतरिक मामला है।

मैं जानता हूं कि एक बहुत श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ हैं। एक श्रेष्ठ प्रोफेसर हैं। दो विद्वानों के बीच में मैं क्यों कुछ बोलूं। दोनों विद्वान उस समय पदों पर थे। उन्होंने कहा कि कई बार एसडीएम या तहसीलदार कुछ निर्णय देते हैं, जिलाधिकारी कुछ और निर्णय दे देते हैं । उनका आपस का मामला है। दोनों जज एक ही खेमे के हैं, दोनों ने अलग अलग निर्णय दिया है, तो उसमें मैं क्या कर सकता हूं।
हरक मास्टर हैं, गुरू को सीधी बात करनी पड़ती है
त्रिवेंद्र ने कहा कि हरक सिंह बहुत निर्भीक हैं। वैसे भी वह प्रोफेसर हैं। मास्टर लोगों को सीधे-सीधे बात करने की आदत होती है। वह मास्टर जी नहीं बल्कि  गुरू हैं। गुरु को तो सीधी बात करनी पड़ती है। मेरे जैसे हजारों लाखों आईएएस, आईपीएस, नेता, अभिनेता न जाने क्या क्या बना दिए? उनके विद्यार्थी मजदूर से लेकर एमएलए, एमपी और मुख्यमंत्री तक बन गए। उनके बारे में मैं क्या बोलूं? वह तो बड़े हैं। प्रोफेसर हैं। हमारे यहां तो गुरू की आराधना-पूजा की जाती है। वह तो पूजनीय हैं।

मैं कभी किसी की शिकायत नहीं करता
पार्टी हाईकमान से शिकायत के सवाल पर त्रिवेंद्र वीडियो में कह रहे हैं, मैं कभी किसी की शिकायत नहीं करता। मैंने आज तक किसी की शिकायत नहीं की। मैं शिकायत करने में विश्वास नहीं रखता हूं। मैं उसका समाधान ढूंढता हूं। मेरी कोशिश होती है कि समाधान निकल जाए। हर चीज का समाधान होता है। एक

मैं राजनीतिक पंडित नहीं, साधारण कार्यकर्ता हूं
हरीश व हरक के बयान के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे राजनीतिक पंडित ही अच्छी तरह बता सकते हैं।  मैं तो साधारण कार्यकर्ता हूं। साफ बोलता हूं। कई बार किसी को मेरी बात खराब भी लगती है। मैं यह सोचता हूं कि जब आगे समय आएगा और मेरी बात का मूल्यांकन किया जाएगा तो हो सकता है कि मेरी बात सही लगे। मैं साफ बोलने में ज्यादा विश्वास करता हूं। मैं कोई राजनीतिक धुरंधर नहीं हूं। मैंने केवल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में काम किया या भारतीय जनता पार्टी में। मुझे राजनीतिक दलों का अनुभव नहीं है। मैं तो सीधा सपाट एक लाइन में चल रहा हूं।

मुझे नहीं मालूम कि किस संदर्भ में ये बात कही गई है। पूरी जानकारी के बाद ही मैं कुछ कह पाऊंगा।
– मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
प्रदेश भाजपा मुख्यालय बुलाए गए हरक सिंह रावत
कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को बुधवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में बुलाया गया। माना जा रहा है कि उन्हें विवादित बयानबाजी से परहेज करने की नसीहत दी गई। दोपहर में हरक सिंह कैबिनेट मंत्री डॉ. धनसिंह रावत के साथ प्रदेश पार्टी कार्यालय पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक और प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार वहां पहले से उपस्थित थे। कुछ देर के बाद चारों नेताओं के बीच बंद कमरे में चर्चा हुई।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में विधानसभा चुनाव और चुनाव प्रभारियों के बृहस्पतिवार से दो दिवसीय दौरे को लेकर भी बातचीत हुई। इस दौरान डॉ. हरक सिंह रावत को नसीहत दी गई कि वह ऐसी बयानबाजी न करें, जिससे पार्टी को असहज होना पड़े और विपक्षियों को पार्टी पर कटाक्ष करने का बहाना मिल जाए। हालांकि, बैठक खत्म होने के बाद कैबिनेट मंत्री रावत ने अपने पूर्व में दिए गए बयान को सही ठहराया।

बैठक में हरक सिंह को नसीहत देने के सवाल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। ये एक सामान्य बैठक थी। सोशल मीडिया में वायरल कैबिनेट मंत्री और पार्टी के एक पूर्व विधायक को पार्टी का नोटिस जारी होने की खबर पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री कुलदीप कुमार ने कहा कि संगठन ने कोई नोटिस जारी नहीं किया।

क्या अब हरक चुप रह पाएंगे
प्रदेश संगठन की नसीहत के बावजूद सियासी हलकों में यह सवाल है कि कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत शायद ही ज्यादा समय तक चुप रह पाएंगे। हालांकि, आज मीडिया ने उनसे पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत के सोशल मीडिया पर वायरल बयान पर प्रतिक्रिया लेने का बहुत प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई बात नहीं की।