जी हां दोस्तो जिस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन देश के प्रधानमंत्री मोदी ने करना है उस बेसकीमती सड़क पर ऐसा क्या हुआ किया कि अचानक एक के बाद एक कई गाड़ियां आपस में टकरा गई। और जिसमें बताया गया कि LPG सिलेंडर से भरा ट्रक भी भिड़ गया। इसके तुरंत बाद आई ये खबर कि दिल्ली- देरहादून एक्सप्रेसवे पर आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया और जहां तक बात निगरानी की है तो जमीन पर पुलिस प्रशासन की नजर तो आसमान से भी नजर रखी जा रही है। मै आपको बताउंगा पूरी खबर कि कैसे हुआ एक बड़ा हादसा और क्यों बंद करना पड़ा अभी-अभी बन कर तैयर एक्सप्रेसवे। जी हां दोस्तो सहारनपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन कार्यक्रम से ठीक पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। मोहंड रेंज के पास एलपीजी ट्रक समेत सात गाड़ियां आपस में टकरा गईं. मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के चलते अलर्ट मोड पर खड़े प्रशासन में इस घटना से हड़कंप मच गया है।
दोस्तो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के थाना बिहारीगढ़ क्षेत्र अंतर्गत दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर मोहंड रेंज में तेज रफ्तार सात वाहन आपस में टकरा गए। यह भीषण दुर्घटना अचानक ब्रेक फेल होने और अनियंत्रित स्पीड के कारण घटित हुई। मौके पर मौजूद पांच कारों के पीछे से एलपीजी सिलेंडरों से भरा ट्रक भी टकरा गया, जिससे गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। यह हादसा 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री द्वारा एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन से ठीक पहले हुआ है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर हादसा इतना जबरदस्त था कि गाड़ियां एक-दूसरे के ऊपर चढ़ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहनों की रफ्तार तेज थी और अचानक ब्रेक लगने से पीछे आ रहे वाहन संभल नहीं पाए। एलपीजी ट्रक की टक्कर के बाद दो कारें पूरी तरह पिचक गईं। मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और क्षतिग्रस्त वाहनों के विजुअल डराने वाले थे। गनीमत रही कि अभी तक किसी की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हादसे ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि 13 तारीख को मुख्यमंत्री का दौरा प्रस्तावित है और 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री उद्घाटन करने वाले हैं। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी, फिर भी यह बड़ी चूक सामने आई है पुलिस फिलहाल यातायात सुचारू करने और मलबे को हटाने में जुटी है ताकि वीआईपी मूवमेंट में कोई बाधा न आए।
इसके बाद प्रशासन का एक बड़ा फैसला ये कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को आज से यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है जो 14 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने देहरादून आ रहे हैं। ऐसे में गणेशपुर में सड़क मार्ग की मरम्मत की जा रही है जिसे देखते हुए आवाजाही फिलहाल रोक दी गई है। वहीं, एक्सप्रेसवे पर आवाजाही बंद करने के बाद वाहनों के रूट डायवर्ट प्लान भी जारी किया गया है। दरअसल, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को करने जा रहे हैं। ऐसे में उनके भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर गणेशपुर में सड़क मार्ग की मरम्मत के चलते 12 अप्रैल से देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। देहरादून से छुटमलपुर तक तक एक्सप्रेसवे बंद रहेगा। पुलिस ने आमजन से अनुरोध किया है कि डायवर्ट रूटों का इस्तेमाल करें. ताकि, वाहन चालक और यात्री असुविधा से बचें। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली का सफर अब रुकावट, जाम और ज्यादा समय लेने वाले सफर से मुक्त होने जा रहा है। यह सफर देहरादून की हरी भरी वादियों के बीच बने डाट काली मंदिर के पास बनी टनल से शुरू होता है। यह सिर्फ एक राज्य से दूसरे राज्य तक जाने की यात्रा नहीं, बल्कि बदलते भारत की रफ्तार को करीब से देखने का मौका है। पीएम मोदी 14 अप्रैल को इस एक्सप्रेसवे का विधिवत रूप से उद्घाटन करने वाले हैं। आइए जानते हैं इस एक्सप्रेसवे की खास बात ये कि देहरादून डाट काली मंदिर के पास स्थित टनल से एक्सप्रेव की शुरुआत होती है। इस टनल के भीतर आधुनिक लाइटिंग वेंटिलेशन और मजबूत कंक्रीट की दीवारें एहसास कराती हैं कि अब मानों पहाड़ों को चीरकर विकास ने अपना रास्ता बना लिया हो।
टनल से बाहर निकलते ही सीधी चौड़ी और चमचमाती सड़क नजर आती है. लोगों का कहना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का सफर उत्तर भारत के सफर की परिभाषा बदलने वाला। करीब 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे सिर्फ दूरी को कम नहीं करता है, बल्कि समय को भी समिति करता है। पहले देहरादून से दिल्ली पहुंचने में 5 से 6 घंटे या उससे भी ज्यादा समय लगता था। खासकर रुड़की और मुजफ्फरनगर जैसे इलाकों में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता था लेकिन अब यह सफर महज ढाई से तीन घंटे में पूरा होगा। यह बदलाव सिर्फ यात्रियों के लिए राहत ही नहीं, बल्कि यह व्यापार, आपातकालीन सेवाओं और रोजमर्रा की आवाजाही के लिए भी एक बड़ी क्रांति साबित होगा.दोस्तो, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर जहां एक ओर देशभर में विकास और रफ्तार का नया अध्याय खुलने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर उद्घाटन से पहले हुए इस हादसे ने प्रशासन की सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे रूट पर निगरानी बनाए हुए है और यातायात को सुचारु करने के प्रयास लगातार जारी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी और समय दोनों में बड़ी कमी आने की उम्मीद है। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ उत्तर भारत के कनेक्टिविटी सिस्टम को नई गति देगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास के नए रास्ते भी खोलेगा।