Ankita Bhandari केस में न्याय की मांग तेज | Justice For Ankita | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो आखिर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष के घर को महिलाओं ने क्यों घेरा.. दोस्तो देहरादून में महिलाओं का गुस्सा एक बार फिर भड़कता दिखाई दे रहा है। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतू खंडूरी के घर के बाहर महिलाएं न्याय की मांग को लेकर पहुंचीं। Ankita Murder Case Investigation ये विरोध अंकिता भंडारी केस से जुड़ा है, जिसमें अब महिलाएं दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रही हैं, लेकिन इससे भी महत्पूर्ण दो तीन बाते हैं। इस गुस्से में जो निकल कर आई हैं नऔर वो बेहद ही चौकाने वाली हैं। सत्तादारी बीजेपी की परेशानी बढाने वाली हैं। दोस्तो अंकिता भंडारी को न्याय की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। पहले बात अपने उत्तराखंड में ही होती थी, लेकिन अब उत्तरप्रदेश में भी अंकिता चर्चा होने लगी है।के मै आपको देहरादून में महिलाओं की मांग और अंकिता को न्याय के लिए बने नए प्लान के बारे में आपको उताउं उससे पहले आप एक बयान समझिए।

जी हां दोस्तो उत्तराखंड में तो सियासी शोर खूब होता ही अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर, लेकिन अब सियासत ऐसी गरमाती दिख रही है और न्याय की मांग तेज हो गई है कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस मामले पर भावुक प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से सवाल किया कि आखिर इस देश में बेटियां कब सुरक्षित हो पाएंगी। मैनपुरी में दिए गए बयान में उन्होंने महिला सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई और प्रशासनिक कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। दोस्तो डिंपल यादव ने कहा कि “मेरी खुद की बेटी भी 19 साल की है,” और अंकिता के साथ हुई घटना को याद करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं सुनकर हर मां का दिल दहल जाता है और समाज में असुरक्षा की भावना बढ़ती है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस तरह से रिजॉर्ट पर बुल्डोजर चलाया गया, उससे सबूत नष्ट होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जब देश की बेटियां ही सुरक्षित नहीं हैं तो विकास की बात करना अधूरा है। डिंपल यादव ने आगे कहा कि किसी भी देश की तरक्की तभी संभव है जब वहां की महिलाएं सुरक्षित और सशक्त हों। उन्होंने आरोप लगाया कि नए भारत में बेटियां पीछे छूटती जा रही हैं और सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे दोस्तो।

दोस्तो सवाल अपनी जगह हैं फिर वो चाहे हो उत्तराखंड या उत्तरप्रदेश। मामला न्याय का है। पूर्ण न्याय का। दोस्तो देहरादून में एक बार अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की माँग उठती हुई दिखाई दे रही है। आज तो महिला मंच ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतू खंडूरी के आवास का घेराव ही कर डाला। इसके अलावा दोस्तो बीजेपी सरकार पर कई आरोप भी मढ़ दिए। इसके अलावा दोस्तो जैसा कि हाल के दिनों में बीजेपी के पूर्व नेता विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नि उर्मिला सनावर के ऑडियो वीडियो के जारी करने से सामने आए वीआईपी पर कार्रवाई मांग तेज हुई है। इसके लावाओं महिलाओं का ये साफ तौर पर कहना था कि बीजेपी प्रभारी दुष्यंत गौतम और महामंत्री संगठन अजय कुमार की राज्य में नो एंट्री हो। दोस्तो एक तरफ कार्रवाई को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ऋति खंडूरी से सवाल किए गए तो वहीं महिलाओं ने ये भी साफ कर दिया किया आने वाले दिनों में अंकिता भंडारी को न्याय की लड़ाई हर विधानसभा तक पहुंचेगी और एक बड़ा ऐलान इस बात को लेकर हो गया कि प्रदेश के सभी 70 विधायकों के आवासो का घेराव किया जाएगा उनसे अंकिता केस पर सवाल पूछा जाएगा। दोस्तो इससे पहले उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति पर सीबीआई ने जांच चल रही है। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की शाखा दो ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

दोस्तो नौ जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी। सरकार का स्पष्ट कहना है कि वह किसी को बचाने के बजाय सच्चाई सामने लाने में विश्वास रखती है और यदि मामले में कोई भी दोषी है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा। दोस्तो गौर करने वाली बात ये भी कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी कार्रवाई हो चुकी है। वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक था, समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन मामला वीआईपी का है। दोस्तो घटना की रात रिजॉर्ट में पहुंचे कथित वीआईपी को लेकर सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं और ये सवालों का शोर अभी थमा नहीं है। इसकी एक झलक देहरादून में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी के आवास के बाहर देखने को मिली। जहां महिलाओं ने ना सिर्फ न्याय की मांग को दोहराया बल्कि अपने अगले प्लान का ऐलान भी कर दिया कि अब हर विधायक के आवास का घेराव होगा, लेकिन दोस्तो सवाल जांच हो सकता है क्या कि अब तक इस अंकिता केस में जांच का दायरा कहां तक पहुंचा है। क्या ये जानने का हक अंकिता के माता पिता या प्रदेश की उस जनता को नहीं है जो अंकिता को न्याय के लिए लगातार संघर्ष करती आ रही है।