जी हां दोस्तो उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल से एक और विरोध पदयात्रा दिन में पुलिस रोक रही तो महिलाओं ने रात को चुना। दोस्तो आपको देश के बड़े घोटालों में से एक LUCC घोटाला तो याद होगा ही इसी LUCC में डूबे पैसे वापस पाने के लिए पहाड़ी महिलाओं ने एक बार फिर खोला है मोर्चा। दोस्तो क्या है इस बार गढवाली महिलाओं का बड़ा प्लान कैसे सैकड़ों महिलाएं अपना घर छोड़ निकल पड़ी हैं सड़कों पर। दोस्तो शायद सभी लोगों को ये मामला पूराना और दम तोड़ चुका हुआ लगने लगा हो कुछ ने ये मान लिया हो कि पैसा तो अब डूब ही गया। लेकिन दोस्तो उत्तराखंड की सैकड़ों महिलाों ने अभी भी हार नहीं मानी है। उसकी बानगी एक बारगी फिर दिखने लगी है वो सड़कों पर उतरी महिलाओं की जुबानी। जी हां दोस्तो हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीग मांगते हमारा पैसा वापस दो के नारों के साथ उत्तराखंड की महिलाएं दिल्ली की ओर 350 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकल पड़ी हैं। दोस्तो ये महिलाएं पिछले दो वर्षों से लूसीसी (LUCC) चिट फंड मामले में अपनी बचत खोने के बाद न्याय की मांग कर रही हैं। अब उनका लक्ष्य राजधानी पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपना है और उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी बात नहीं सुनी जाती, वे रुकेंगी नहीं। दोस्तो LUCC सहकारी योजना ने उत्तराखंड भर के हजारों छोटे निवेशकों से पैसे जमा किए थे और सुरक्षित रिटर्न का वादा किया था। कई परिवारों ने अपनी जिंदगी भर की बचत जमा की, जिसमें बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई और वृद्धावस्था की सुरक्षा के लिए रखे पैसे शामिल थे। दोस्तो जब भुगतान बंद हुआ और कार्यालय बंद हो गए, तो लोग हताश और टूटे हुए रह गए जांच हुई, गिरफ्तारियां हुईं, एजेंसियां सक्रिय हुईं, लेकिन कई पीड़ितों को अब भी अपने पैसे वापस नहीं मिले है। और उनकी ये हुंकार जिससे एक बार फिर आप देख रहे हैं।
दोस्तो ये पदयात्रा कोई राजनीतिक नाटक नहीं है ये उन परिवारों की निराशा है जिन्हें भुला दिया गया है। 350 किलोमीटर चल रही महिलाएं सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं हैं यह हताशा और दृढ़ संकल्प का मिश्रण है। दोस्तो एलयूसीसी ठगी मामले में न्याय व रकम वापसी की मांग को लेकर आंदोलनरत महिलाओं को श्रीनगर पुलिस ने एनआईटी उत्तराखंड गेट पर रोका भी आंदोलित महिलाएं मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रही थी। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद महिलाओं ने मौके पर ही प्रदर्शन कर आक्रोश व्यक्त किया। दोस्तो एलयूसीसी ठगी पीड़ित महिलाओं का कहना है कि वह अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति से रकम वापसी की मांग को लेकर मुलाकात करेंगी। दोस्तो घर टूटा-भरोसा टूटा, सपने चकनाचूर हो गए 500 करोड़ के LUCC चिटफंड घोटाले ने लोगों की नींद उड़ाई। दोस्तो हर इंसान अपनी मेहनत से जमा की गई पूंजी को बचाकर मुनाफा कमाने की उम्मीद रखता है लेकिन यदि कोई व्यक्ति सालों तक पैसा जमा कर चिटफंड में निवेश करे और घोटाला होने पर उसकी मेहनत की कमाई डूब जाए, तो दर्द और परेशानियां स्वाभाविक हैं। ऐसी ही पीड़ा से हजारों लोग गुजर रहे हैंसबसे अधिक परेशानी उन लोगों की है जिन्होंने लाखों रुपए देकर मेंबरशिप ली और फिर एजेंट बनकर अपने नीचे कई लोगों को जोड़ लिया। न सिर्फ उनका पैसा डूबा, बल्कि जिन लोगों को उन्होंने जोड़ा था, वे भी अब उन्हीं से अपना पैसा मांग रहे हैं। दोस्तो ये सभी लोग LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी) के 500 करोड़ रुपए के घोटाले में सीबीआई ने संबंधित जिलों से रिपोर्ट मांगी है। उच्च न्यायालय के आदेश पर 46 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है, जिसमें श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ जैसे बॉलीवुड कलाकारों के नाम भी शामिल हैं।
दोस्तो उत्तराखंड में LUCC चिटफंड नाम की कंपनी ने आम लोगों के करोड़ों रुपए की जामपूंजी हड़प ली है जिसके बाद करोड़ों रुपया लेकर कंपनी के प्रमोटर्स विदेश भाग गए हैं। आम लोग इतने मजबूर हो गए हैं कि अब उनको अनशन पर बैठना पड़ रहा है। कुछ महिलाएं दिल्ली में राष्ट्रपति से मिलने निकल पड़ी हैं। दोस्तो उत्तराखंड के सबसे बड़े घोटाले में से एक है। LUCC चिटफंड घोटाला लाखों लोगों का 100 करोड़ के करीब पैसा इस कंपनी ने हड़प लिया है और कंपनी के प्रमोटर्स विदेश भाग चुके हैं। हालांकि, अभी तक कंपनी के प्रमोटर्स की गिरफ्तारी को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में लगातार आम लोग जिनका पैसा इस चिटफंड कंपनी में लगा हुआ है वो सरकार से मांग कर रहे हैं कि कंपनी के प्रमोटर्स को पकड़ा जाए और उनका पैसा वापस लाया जाए। दोस्तो उत्तराखंड में साल 2016 में श्रीनगर गढ़वाल में LUCC नाम की कंपनी ने सोसाइटी बनाकर आम लोगों से पैसा इकट्ठा करना शुरू किया था। पूरे प्रदेश में लगभग 37 ब्रांच LUCC की खोली गई थीं। LUCC चिटफंड कंपनी ने आम लोगों का भरोसा जीतने के लिए कंपनी में स्थानीय लोगों को भी नौकरी दी थी। लगभग 25 हजार कंपनी में एजेंट बने जिनके माध्यम से आम लोगों से पैसा इकट्ठा किया गया। LUCC चिटफंड ने शुरू के सालों में लोगों द्वारा जमा किया गया पैसे पर ब्याज दिया और पैसा भी लौटा दिया। इसके बाद लोगों में भरोसा बन गया और लोगों ने ज्यादा रकम की फिक्स डिपॉजिट करना शुरू कर दिया। LUCC चिटफंड कंपनी ने श्रीनगर, कोटद्वार, चमोली, देहरादून और कई जगहों पर अपनी ब्रांच खोली और यहां के लोगों से पैसा इकट्ठा किया गया। कंपनी में पैसा जमा करने में ज्यादातर महिलाएं और पूर्व सैनिक और सैनिक के परिवार हैं। दोस्तों, LUCC चिटफंड घोटाले की यह लड़ाई सिर्फ पैसे की नहीं, बल्कि विश्वास और हक के लिए है। उत्तराखंड की महिलाएं, जिन्होंने अपने परिवार की जीवनभर की बचत खो दी, आज 350 किलोमीटर की पदयात्रा पर निकलकर यह साबित कर रही हैं कि वे अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगी।ये महिलाएं अपने दर्द और हताशा को हिम्मत में बदल रही हैं। उनका संघर्ष सरकार और प्रशासन के लिए भी संदेश है कि आम जनता की सुरक्षा और उनकी मेहनत की कमाई की रक्षा करना कितना जरूरी है।