‘मिशन 2024’ को साधने के लिए धामी मंत्रिमंडल में हो सकता है फेरबदल, जानिए कब और क्या होगा स्वरूप

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Uttarakhand BJP: मिशन 2024 में जुटी भाजपा के लिए उत्तराखंड में पांचों सीट जीतकर दोबारा क्लीन स्वीप कर इतिहास बनाने की बड़ी चुनौती है। इसके साथ ही उत्तराखंड से पांचों सीट जीतकर पीएम मोदी को दोबारा जीत का तोहफा देने का भी लक्ष्य रखा गया है। जिसे पूरा करने के लिए धामी मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार को जल्द ही नया स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है। भाजपा सूत्रों की मानें तो सीएम पुष्कर सिंह धामी ने इसके लिए हाईकमान से भी विचार विमर्श कर होमवर्क शुरू कर दिया है। जुलाई में धामी मंत्रिमंडल में नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। जबकि लोकसभा चुनाव को देखते हुए कुछ की परफोर्मेंस और कुछ की चुनाव में भागेदारी को देखते हुए छुट्टी हो सकती है। इसके अलावा नए युवा चेहरों को भी शामिल करने की चर्चा है। धामी मंत्रिमंडल में तीन सीटें पहले से रिक्त चल रही हैं। इस बीच कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद चार कुर्सियां खाली हो गई हैं। जिन्हें जुलाई में भरने की चर्चा तेज हो गई है।

मंत्रियों के परफोर्मेंस को देखकर मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी अंदरखाने चर्चा है। साथ ही लोकसभा चुनावों को देखते हुए क्षेत्रीय व जातीय समीकरणों को भी साधने की चुनौती है। धामी सरकार में 7 कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें सतपाल महाराज, प्रेमचंद अग्रवाल, गणेश जोशी, धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा शामिल हैं। क्षेत्रीय समीकरण में गढ़वाल मंडल से सतपाल महाराज, धन सिंह रावत पौड़ी जिले, सुबोध उनियाल टिहरी, गणेश जोशी, प्रेमचंद अग्रवाल देहरादून,कुमाऊं मंडल से रेखा आर्य अल्मोड़ा जिले और सौरभ बहुगुणा तराई के उधमसिंह नगर जिले से मंत्री हैं। सीएम धामी कुमाऊं के चंपावत का प्रतिनिधित्व भी कर रहे हैं। इस तरह से कैबिनेट में गढ़वाल के तीन जिले और कुमाऊं मंडल से तीन जिलों को ही प्रतिनिधित्व मिला हुआ है। कैबिनेट में अभी चार सीटें बची हुई हैं। जिन जिलों को प्रतिनिधित्व का इंतजार है, उनमें उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, चमोली, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल जिले शामिल है। चंदनराम दास के निधन के बाद बागेश्वर जिले का प्रतिनिधित्व भी खत्म हो गया है। चंदनराम दास दलित कोटे से भी मंत्री रहे, ऐसे में चार नए चेहरों में एक चेहरा दलित विधायक का होना तय माना जा रहा है।