उत्तराखंड के उपनल कर्मचारियों को धामी सरकार ने बड़ी सौगात दे दी है। 12 साल की सेवा पर उपनल कर्मचारियों को अब समान काम के लिए समान वेतन मिलेगा। जबकि 12 फरवरी से पहले अन्य कर्मचारियों को भी समान काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। UPNL Worker Strike In Uttarakhand बता दें कि राज्य के 22 हजार उपनल कर्मचारी कर्मचारी लंबित मांगों के लिए पिछले 15 दिन से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें नियमित करने समेत समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। हालांकि, शासनादेश के इंतजार में देर रात तक उपनल कर्मी परेड ग्राउंड में डटे रहे, बाद में उन्होंने हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया। सरकार ने तीन दिन के भीतर शासनादेश जारी करने का आश्वासन दिया है। सचिव सैनिक कल्याण विभा दीपेंद्र चौधरी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कदम उच्च न्यायालय की ओर से रिट याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया है। उपनल के माध्यम से कार्यरत वे सभी कार्मिक, जिन्होंने राज्य सरकार के किसी भी विभाग या संस्था में 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा।
अन्य उपनल कार्मिक, जिन्होंने चरणबद्ध रूप से लगातार सेवाएं पूरी की हैं, उन्हें भी जल्द ही समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत के अनुरूप वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता दिया जाएगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन निर्णयों के क्रम में औपचारिक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे ताकि, कार्मिकों को समयबद्ध रूप से लाभ मिल सके। बता दें कि उपनल कर्मचारी बीते लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर देहरादून के परेड ग्राउंड के पास धरना दे रहे हैं। इस बीच हाल में ही उत्तराखंड शासन ने प्रदेश में अगले 6 महीने तक के लिए हड़ताल प्रतिबंध लागू कर दिया था। जिसके तहत ‘नो वर्क नो पे’ लागू हो गई थी। बावजूद इसके उपनल कर्मचारी धरना स्थल पर डटे रहे। हालांकि, उपनल कर्मचारी का प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात की थी, लेकिन उसका कोई हल नहीं निकला था। ऐसे में मंगलवार यानी 25 नवंबर को शासन ने विचार विमर्श करने के बाद उपनल कर्मचारियों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। वहीं, उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के संयोजक विनोद गोदिायल ने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन के आदेश के बाद कर्मचारियों ने अपना पिछले 16 दिन से चल रहा आंदोलन स्थगित कर दिया।