दोस्तो उत्तराखंड की राजनीति में कब क्या बदल जाय कोई नहीं जानता, लेकिन एक तरफ बीजेपी संगठन में बड़े बदलाव के साथ कैबिनेट में फेरबदल की खबरे सुर्खियों में है, तो वहीं अब एक दर्जाधारी मंत्री ने दावा कर दिया किया उत्तराखंड का मुख्यमंत्री 2026 में बदल जाएगा। अब इस दावे कितनी सच्चाई है, ये वो ही जाने जो दावा कर रहा है, लेकिन मै आपको पूरी खबर पूरी खबर बताने के लिए आया हूं दोस्तो। दोस्तो वैसे सियासी तौर पर कुछ कह पाना, कुछ भी भांप पाना उतना आसान नहीं लगता, लेकिन अपने उत्तराखंड का सियासी इतिहास ये बताता है, कि यहां एक सियासी प्रयोगशाला चल रही है। उस प्रयोगशाला में कौन कब क्या कर दे, कौन नहीं जानता आपने दोस्तो कई तरह की चर्चाएँ, आपने सुनी होगी, लेकिन एक तरफ आगामी चुनावी तैयारियों में पूरी सियासत व्यस्त है। इधर एक बयान खूब चल रहा है पहले आप उस बयान को देखिए जिसमें अगला मुख्यमंत्री धन सिंह रावत होंगे। दोस्तो ये बयान जो वायरल हो रहा है, इस वायरल वीडियो ने उत्तराखंड से बड़ी राजनीतिक सनसनी बना दिया है।
दरजाधारी मंत्री ने किया बड़ा दावा— आगे बढ़ते हुए कहा, “मुख्यमंत्री होंगे धन सिंह रावत, अब ये तो वक्त बताएगा लेकिन ये बयान क्यों आया क्यों वायारल किया गया किसने किया क्योंकि बीते कुछ वक्त से एक बात प्रदेश के सियासी हलकों में चल रही है कि कुछ बड़ा बदलाव होने जा रहा है, हालांकि सीएम धामी को लेकर ऐसी कोई पुख्ता तौर पर खबर नहीं निकल कर आई की वो कोई रिप्लेस कर रहा है, लेकिन इस वीडियो में दिए गयान के क्या मायने निकाले जाएं, क्या एक बार फिर चुनाव से पहले हम प्रदेश का मुख्यमंत्री बदलता हुआ देखेंगे। क्योंकि ये बयान तो कुछ ऐसा ही इशारा कर रहा है। दोस्तो सोशल मीडिया पर ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उत्तर प्रदेश के दर्जाधारी मंत्री व नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज कुछ ऐसा कहते सुनाई दे रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। वायरल क्लिप में स्वामी रसिक महाराज यह कहते नजर/सुनाई दे रहे हैं कि “डॉ. धनसिंह रावत उत्तराखंड के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं, हालांकि, इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है और सवालों का शोर भी होने लगा है क्या एक फिर क्या कुछ ऐसा होगा। यह वीडियो हाल का है जब पैठाणी में पौराणिक राहु मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए ₹1 करोड़ 90 लाख की योजना का भूमि पूजन कार्यक्रम चल रहा था जिसका क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विधिवत पूजन किया था, लेकिन इसके बाद ये बायान का आना क्या मायने रखता है। दोस्तो ये बयान तब सोशल मीडिया में तैर रहा है जब उत्तराखंड बपीजेपी ने आगामी चुनावों को लेकर अपनी संगठनात्मक रणनीति को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय स्तर पर नए कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद अब प्रदेश संगठन में भी बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है।
संकेत साफ हैं कि पार्टी अब ऐसे चेहरों को आगे लाने की तैयारी में है, जिनकी छवि बेदाग हो और जिन पर किसी तरह का विवाद न हो। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व यह नहीं चाहता कि चुनावी माहौल में ऐसे नेता फ्रंट लाइन में दिखाई दें, जिनको लेकर आम जनता के बीच नकारात्मक धारणा बनी हो. इसी वजह से संगठन में उन पदाधिकारियों और चेहरों को बदलने की कवायद तेज हो गई है, जो हाल के वर्षों में किसी न किसी विवाद से जुड़े रहे हैं या जिनकी सार्वजनिक छवि पार्टी के लिए नुकसानदेह मानी जा रही है। प्रदेश में बीते नौ वर्षों से सत्ता में काबिज भाजपा अब लगातार तीसरी जीत की रणनीति पर काम कर रही है। इसके लिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ चेहरे और संदेश दोनों को संतुलित करने पर जोर दिया जा रहा है. पार्टी का मानना है कि साफ-सुथरी छवि और लोकप्रियता वाले चेहरे चुनावी मैदान में बेहतर माहौल बना सकते हैं। हाल ही में सभी सात मोर्चों के अध्यक्षों और उनकी टीमों की घोषणा कर भाजपा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि संगठन किसी भी स्तर पर कमजोरी नहीं चाहता। मोर्चों को सक्रिय करने के साथ-साथ अब संगठन के भीतर भी नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी है, लेकिन क्या संगठन के साथ ही सरकार में होगा बड़ा दलाव ये तो वक्त बताएगा लेकिन खबर आप क्या कहेंगे।