दोस्तो, उत्तराखंड की सियासत में आज फिर जुबानी जंग तेज हो गई है! देहरादून में कांग्रेस की रैली में उमड़ी भीड़ को लेकर बीजेपी ने बड़ा हमला बोला है। आरोप है कि मैदान में जुटे लोग ‘भाड़े की भीड़’ थे, जिन्हें बाहर से बुलाया गया। Congres Rally Dehradun वहीं कांग्रेस का दावा है कि ये जनता का जनसैलाब है, जो बदलाव का संदेश दे रहा है। नारों की गूंज ने माहौल गरमा दिया है—क्या ये सच में सत्ता के खिलाफ उठती लहर है, या फिर सिर्फ राजनीतिक ताकत दिखाने का खेल? आखिर मैदान में उमड़ी भीड़ असली जनसमर्थन है या सियासी रणनीति का हिस्सा? आइए, समझते हैं इस पूरे सियासी घमासान की परतें। दोस्तो सबसे पहले मै आपको दो बयान दिखा रहा हूं समझिएगा थोड़ा। जी हां दोस्तो कांग्रेस सत्ता परिवार्तन का नारा दे रही है खूब महफिल लूट रही है लेकिन बीजेपी वाले कांग्रेस के नारे को हवा हवाई बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। दरअसल दोस्तो कांग्रेस के लोक भवन कूच के लिए निकाली गई रैली पर बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आई है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कांग्रेस की इस रैली को भाड़े की भीड़ बताया है। गणेश जोशी का कहना है कि भीड़ सहारनपुर और अन्य जगहों से बुलाई गई थी।
दोस्तो बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के इस प्रदर्शन को फ्लॉप शो बताया है। उन्होंने कहा कि आज के प्रदर्शन में जनता की अनुपस्थिति बताती है कि राज्य विकास मार्ग पर बहुत आगे बढ़ गया है कांग्रेस खुद अभी भ्रम में है। हम आने वाले साल को विकास की रफ्तार बढ़ाने का अवसर मान रहे हैं, लेकिन कांग्रेस नेताओं के लिए यह समय राजनीतिक प्रपंचों का है। दोस्तो बीते 4 सालों में हमारी सरकार ने विकास और जनकल्याण के अनगिनत काम किए हैं। जनता से किए सभी वादों पर बीजेपी खरा उतरी है। बाकी बचे समय में भी उम्मीद से बढ़कर काम करने जा रही है। जनता आज राज्य के चौमुखी विकास को अपने आस पास अनुभव कर रही है. केंद्रीय एजेंसियों के आंकड़े उसकी तस्दीक करते हैं। इससे पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को दिक्कत इस बात से है कि राज्य निर्माण से चले आ रही समस्याओं का हमारी सरकार ने निवारण कैसे कर दिया है? कांग्रेसी सरकारों ने भ्रष्टाचार की बेल पनपाई, हमने उसे पूरी तरह सुखाया है तो यहां कांग्रेस के उठाए जा रहे मुद्दों को मुद्दा बीजेपी वाले मानने को तैयार नहीं है। बीजेपी का तर्क है कि नियुक्ति प्रक्रिया नकल माफियाओं के हाथों में दी, उनको खत्म कर, हमने रिकॉर्ड युवाओं को रोजगार दिया. प्रदेश की डेमोग्राफी बिगाड़ने की साजिश पर लगाम लगाई और लंबे समय से लंबित मातृशक्ति और राज्य आंदोलनकारी आरक्षण को अंजाम तक पहुंचाया। यही वजह है कि कांग्रेस आज प्रदेश में पूरी तरह मुद्दाविहीन और विचारहीन हो गई है। वहीं, दोस्तो इसके अलावा कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी में कहा कि आज कांग्रेस पूरी तरह से हताश और निराश है जिस तरह से आज धामी सरकार काम कर रही है और कांग्रेस के पास कोई मुद्दे नहीं है। ऐसे में खुद को जिंदा रखने के लिए इस तरह के आयोजन किए जा रहे हैं, जो कि फ्लॉप साबित होते जा रहे हैं।
अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और परखने का प्रयास: कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस को अब सत्ता से बाहर 10 साल होने को जा रहे हैं। ऐसे में अपने कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और उन्हें परखने का कांग्रेस का मात्र यह प्रयास है इस प्रदर्शन का कोई ठोस आधार नहीं है। दोस्तो उन्होंने कहा कि इस बार का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस की रैली का कॉल टाइम 11 बजे था। कांग्रेस के तमाम लोग 1 बजे तक परेड़ ग्राउंड में इंतजार करते रहे कि थे कि कोई कार्यकर्ता आए और रैली शुरू की जाए। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कांग्रेस की अंदरखाने क्या स्थिति है? जी हां इन बातों अब कितनी सच्चा ई है ये तो वक्त बताएगा जब बीजेपी विपक्ष में थी और किसी भी तरह का प्रदर्शन जब होता था तो उसका एक अलग ही मैनेजमेंट और प्रभाव देखने को मिलता था। हमारे पास इनपुट है कि कांग्रेस ने सहारनपुर और प्रदेश के बाहर अन्य जगहों से भी लोग इस प्रदर्शन में बुलाए थे. इसलिए कांग्रेस को कुछ हासिल होने वाला नहीं है। हां इतना जरुर है कि मीडिया में कांग्रेस को एक दिन का स्पेस जरूर थोड़ा मिल जाएग। इसके अलावा गणेश जोशी ने कहा कि कांग्रेस को बीजेपी से लड़ने की नौबत तो तब आएगी, जब वो खुद के झगड़ों से निपटेगी। उन्होंने कहा कांग्रेस में हर नेता खुद को बड़ा मानता है और दूसरे की कोई सुनने को राजी नहीं है। अभी चुनाव आते-आते कांग्रेस का सिर फुटव्वल खुले तौर पर देखने को मिलेगा।