दोस्तो अब चमोली के नंदानगर में आफत का मंजर तबाही का ऐसा मंजर कि शब्द भी थम जाएं। कई मकान जमींदोज, कई लोग लापता, और हर कोई है दहशत में, क्या है इस आपदा के पीछे की कहानी? प्रशासन ने तत्काल राहत के लिए क्या कदम उठाए? बताने के लिए आया हूं। क्यों इस बार बारिश कहर बन रही है। Cloud burst in Chamoli Nandanagar दोस्तो उत्तराखंड में लगातार भारी बारिश से मुश्किलें पैदा हो रही हैं। प्रदेश के कई हिस्सों से नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। सितंबर महीने में भी अतिविष्टि के कारण पहाड़ी जिलों में हालात बेहद खराब हैं। बीते दिनों देहरादून और आसपास को क्षेत्रों में हुई अतिविष्टि और नुकसान के बाद अब चमोली में तहसील घाट नंदानगर में अतिवृष्टि से कुल 10 लोगों के लापता होने की की खबर आई। कुंतरी फाली से 8, धुरमा से 2 लोग लापता हैं। दोस्तो आपत बरसी तो प्रशासनिक अमला हरकत में आया हैं। एनडीआरएफ, मेडिकल टीम और तीन 108 एम्बुलेंस मौके पर लेकिन ये बारिश ना जाने क्या और दिखाएंगी। दोस्तो वैसे तस्वीरें बताने के लिए काफी हैं कि नुकसान कितना है और ये कहर ने जाने कितने लोगों को पेरशानी में डाला है फिर मै आपको बता दूं। नंदानगर तहसील के धुर्मा गांव मे भारी बारिश के कारण कारण 4-5 भवनों की नुकसान हुआ है। अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है। बारिश के कारण मोक्ष नदी का जलस्तर बढ़ा है।
प्रारंभिक सूचना के अनुसार नगर पंचायत नंदानगर के वार्ड कुन्तरि लगाफाली मे भारी वर्षा के कारण मलबा आने से 6 भवन पूर्ण क्षतिग्रस्त हुए हैं। दगड़िओ अपने चमोली जनपद में मौसम विभाग का अलर्ट सही साबित हुआ है। जनपद के नंदानगर में भारी बारिश के चलते काफी नुकसान हुआ है। यहां के कुंतरी गांव में कई घर मलबे की चपेट में आ गए हैं, कुछ लोगों का अभी पता नहीं चल पा रहा है। स्थानीय लोग और नंदानगर थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन हालात इतने भयावाह हैं कि मौके पर पहुंचने के लिए काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई लोगों से जो बात हुई है वह घरों में फंसे हुए है। कुछ लोग लापता भी बताये जा रहे हैं. हालांकि, अभी अंधेरा होने के चलते उन सभी लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन की टीम भी मुख्यालय से नंदानगर के लिए रवाना हो गई है। लगातार बारिश के चलते लोगों को नुकसान बढ़ता ही जा रहा है। जैसे-जैसे प्रशासन की टीम और स्थानीय लोगों से बात होती है तो चीज स्पष्ट होगी कि कितने लोग लापता हैं। स्थानीय निवासी नंदन सिंह रावत ने बताया कुंतरी गांव में कई घर मलबे में दब गए हैं। लोगों का कुछ पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कुछ लोगों से फोन पर बात हुई जो घरों में फंसे हैं। तो दगड़ियो चमोली के नंदानगर से आई यह दर्दनाक खबर हमें याद दिलाती है कि प्रकृति की ताकत कितनी भीषण हो सकती है। 10 लोगों की अभी तक कोई खबर नहीं, और मलबे के नीचे दबे हुए परिवारों की उम्मीदें बाकी हैं। प्रशासन की राहत और बचाव टीम लगातार जुटी है, लेकिन सवाल ये है—क्या हम ऐसी आपदाओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं? और सबसे अहम, क्या पीड़ितों को न्यायपूर्ण मदद मिल पाएगी? इस आपदा की गहराई को समझना और इससे सबक लेना ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। हम आगे भी इस स्थिति पर नजर बनाए रखेंगे और आपको समय-समय पर अपडेट देते रहेंगे।