द्रौपदी मुर्मू ने भवन में राष्ट्रपति का पद किया ग्रहण, बनीं 15वीं राष्ट्रपति, सीएम धामी ने दी बधाई

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द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को भारत के 15वें राष्ट्रपति पद की शपथ ली। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना ने निर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।आजादी के 75वें साल में देश का सर्वोच्च पद पहली बार आदिवासी समुदाय के किसी व्यक्ति को मिला है। मुर्मू आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत हैं। प्रतिभा पाटिल के बाद मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं।

राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण के दौरान केरल के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान, यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल, उत्तराखंड के गवर्नर लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटेड), तेलंगाना गवर्नर और पुडचेरी एलजी डॉ. तमिलिसई साउंडराजन और गोवा गवर्नर पीएस श्रीधराई उपस्थित रहे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा- मैं प्रेसिडेंट बनी, यह लोकतंत्र की महानता है। भारत में गरीब सपने देख सकता है और उन्हें पूरा भी कर सकता है। युवाओं और महिलाओं को मैं खास विश्वास दिलाती हूं। अनेक बाधाओं के बावजूद मेरा दृढ़ संकल्प मजबूत रहा।

मेरे लिए बहुत संतोष की बात है कि जो सदियों से वंचित रहे, जो विकास के लाभ से दूर रहे, वे गरीब, दलित, पिछड़े तथा आदिवासी मुझ में अपना प्रतिबिंब देख रहे हैं। मेरे इस निर्वाचन में देश के गरीब का आशीर्वाद शामिल है, देश की करोड़ों महिलाओं और बेटियों के सपनों और सामर्थ्य की झलक है। संसद के सेंट्रल हॉल में शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य गणमान्य लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने पर द्रौपदी मुर्मू को शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि श्रीमती मुर्मू जी नारी अभ्युदय का स्वर्णिम प्रतीक हैं। नए भारत का निर्माण एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की पूर्णता नारी शक्ति के योगदान के बिना असंभव है।