मुख्यमंत्री धामी के भगीरथ प्रयासों से मानसखंड के लिए रेलवे टनकपुर से संचालित कर रहा विशेष ट्रेन

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ‘मानसखंड मंदिर माला मिशन’ का जो दूरगामी विजन लेकर साथ चले थे, उसका असर अब स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखने लगा है। Mansakhand Temple Mala Mission कहा जा सकता है कि सीएम धामी मानसखंड कॉरिडोर की शानदार ब्रांडिंग में सफल रहे हैं। उनके विशेष प्रयासों से रेल मंत्रालय ने पुणे से उत्तराखंड के टनकपुर तक ट्रेन सेवा को मंजूरी प्रदान की और अब बड़ी संख्या में यात्री मानसखंड के अंतर्गत आने वाले स्थलों के भ्रमण को आ रहे हैं। मानसखंड एक्सप्रेस ट्रेन की उत्तराखंड के लिए दूसरी यात्रा 22-05-2024 को शाम 05.00 बजे पुणे से हुयी शुरू, जिसमें 302 पर्यटक यात्रा कर रहे हैं। पुणे से शुरू होकर लोनावला, कल्याण, वसाई, वापी, सूरत, वड़ोदा, रतलाम, उज्जैन आदि होते हुए यह ट्रेन शुक्रवार को उत्तराखण्ड के टनकपुर रेलवे स्टेशन पर पहुँची। उत्तराखण्ड में कुमाँऊ क्षेत्र के प्रमुख तथा अल्पज्ञात पर्यटक स्थलों के भ्रमण हेतु सभी पर्यटकों के लिए होटल, बस, टैक्सी आदि की व्यवस्था पैकेज के रूप में आई०आर०सी०टी०सी० द्वारा की गयी है।

मानसखण्ड कॉरिडोर में प्रमुख रूप से कैंची धाम, बाराही धाम देवीधूरा, रीठा साहिब, चंपावत गोल्ज्यू मंदिर, पूर्णागिरी धाम, पिथौरागढ़ स्थित मोस्टमानू देवता मंदिर, हाट कालिका मंदिर, पाताल भुवनेश्वर मंदिर, बेणीनाग मंदिर, बागेश्वर में बागनाथ, बैजनाथ, कोट भ्रामरी मंदिर, अल्मोड़ा में जागेश्वर मंदिर समूह, कटारमल सूर्य मंदिर, नंदा देवी मंदिर, कसार देवी मंदिर, बिनसर महादेव मंदिर, हैराखान मंदिर जैसे ऐतिहासिक और पौराणिक मंदिर शामिल हैं। मानसखण्ड कॉरिडोर एक मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने के सीएम धामी के प्रयासों से केन्द्र सरकार की विभिन्न स्क्रीमों को शामिल किया जा रहा रहा है जिसमें पर्वतमाला प्रोजेक्ट भी शामिल है इससे यहां रोपवे को बढ़ावा मिलेगा। बतातें चले कि उत्तराखण्ड में पर्वतमाला प्रोजेक्ट के तहत 39 रोप वे प्रस्तावित है, जिसमें से लगभग 16 रोपवे मानसखण्ड कॉरिडोर में आ रहें है। इन सभी प्रस्तावों पर केंद्र सरकार की एजेंसी ने फिजीबिलिटी टेस्ट भी शुरू कर दिया है।