मानसून ने उत्तराखंड में दस्तक दे दी है। मानसून सीजन में ऊंचाई वाली क्षेत्र में इन दिनों जंगली मशरूम भी दिखाई देते हैं, ऐसे में पहाड़ के लोग जंगलों से मशरूम लाकर सब्जी के रूप में प्रयोग करते हैं। Workers fall ill after eating wild mushrooms ऐसे में यह मशरूम कभी-कभी इंसानी जिंदगी पर भारी पड़ जाता है। ऐसा ही मामला उतराखंड के बीरोंखाल के फरसाडी से सामने आया है। फरसाडी में जंगली मशरूम खाना उत्तरप्रदेश के लोगों को महंगा पड़ गया है। दरअसल मशरूम खाने के बाद आठ लोग बीमार पड़ गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में सभी लोगों का उपचार किया गया। बहरहाल सभी लोग खतरे से बाहर हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, सभी लोग यूपी से बीरोंखाल मज़दूरी करने आए हुए थे। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के 12 मजदूर पिछले काफी समय से बीरोंखाल के अंतर्गत फरसाड़ी बाजार में रह रहे हैं। ये मजदूर लोक निर्माण विभाग की सड़कों के किनारे डेलीनेटर (सुरक्षा संकेतक) लगाने के काम में जुटे हैं। बृहस्पतिवार सुबह कुछ मजदूर पास ही के जंगल से मशरूम तोड़कर लाए थे। काम पर जाने से पहले आठ मजदूरों ने मशरूम की सब्जी और रोटी खाई। कुछ ही देर में मजदूरों को उल्टियां होने लगी और पेट में दर्द की शिकायत हुई। देखते ही देखते उनकी हालत बिगड़ने लगी। जिन मजदूरों ने मशरूम की सब्जी नहीं खाई थी, उन्होंने लोक निर्माण विभाग के बेलदार और ठेकेदार को घटनाक्रम के बारे में बताया। बेलदार मधुबन विभागीय वाहन से सभी मजदूरों को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीरोंखाल पहुंचा। प्रभारी चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र रावत ने सभी मजदूरों को भर्ती कर उपचार शुरू किया। कई घंटों के उपचार के बाद मजदूरों की हालत में कुछ सुधार हुआ।