Haridwar Panchayat Election: जैसे जैसे चुनावी दिन नजदीक आ रहा है वैसे वैसे हरिद्वार में सरगर्मी बढती जा रही है। इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में शैक्षिक योग्यता को लेकर नियम बनाए गए तो पढ़े-लिखे प्रतिनिधि सामने आए। इस चुनाव में प्रधान पद के लिए बीटेक, बीएससी और एलएलबी डिग्रीधारक अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस बदलाव से ग्रामीणों में विकास की उम्मीद जगी है। हालांकि पढ़े लिखे प्रत्याशी लोगों की पसंद बन पाते हैं या नहीं, इसका फैसला तो 28 सितंबर को ही हो पाएगा। वही जिला पंचायत की बालेकी यूसूफपुर सीट पर विधायक ममता राकेश और उनके देवर सुबोध राकेश के बीच चुनावी जंग है।
राकेश परिवार की सरोज बसपा से मैदान में हैं। कांग्रेस ने भारती को प्रत्याशी बनाया है। देवर-भाभी की सियासी जंग में भाजपा ने भी पूरी ताकत झोंक दी है। भगवानपुर में विधायक से लेकर जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत की राजनीति में राकेश परिवार का दखल रहा है। पूर्व मंत्री सुरेंद्र राकेश के निधन के बाद उनकी पत्नी ममता राकेश राजनीति में सक्रिय हुई। तीन बार से वह कांग्रेस से भगवानपुर सीट से विधायक हैं। उनके देवर सुबोध राकेश भी सियासत में लंबे समय से सक्रिय हैं। दोनों की राजनैतिक राहें अलग-अलग हैं। ममता जहां कांग्रेस में हैं तो सुबोध बसपा के साथ हैं।
वहीं इस बार बीटेक, बीएससी, एलएलबी, स्नातक व परास्नातक वाले प्रत्याशी भी प्रधानी में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बता दें कि इस बार 22 प्रत्याशी बीए, 17 एमए की डिग्रीधारक है, जबकि 12 प्रत्याशी बीटेक और बीएससी किए हुए हैं। दो प्रत्याशी एलएलबी करके मैदान में उतरे हैं। बेलड़ा से प्रधान पद के प्रत्याशी शाहनवाज बीटेक किए हुए हैं। उनका कहना है कि अब ग्राम पंचायत को पढ़े-लिखे प्रधान की जरूरत है। ऐसे में ग्रामीणों के कहने पर वह मैदान में उतरे हैं। इसी तरह बाजूहेड़ी से जीनत बीएससी, बाजूहेड़ी से ही रितम एमए और किरण बाला सैनी बीए पास हैं। इसके अलावा बेलड़ा से योगेश कुमार बीए और बेलड़ी साल्हापुर से राजेंद्र कुमार एमए पास हैं। इसके अलावा रसूलपुर से मदन लाल एलएलबी किए हुए हैं।