पूर्व IAS रामविलास यादव की बढ़ी न्यायिक हिरासत, हुआ ये बड़ा खुलासा

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देहरादून: आय से अधिक संपत्ति के मामले में फंसे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी रामविलास यादव को कोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने उन्हे दोबारा 14 दिन न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। राम विलास यादव की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये ही कोर्ट में पेशी हुई। अब राम विलास यादव की पेशी एक अगस्त को होगी। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है गाजीपुर में जांच के दौरान पता चला कि रामबिलास ने स्वर्गीय रामकरण दादा मेमोरियल नाम से जो ट्रस्ट बनाया, उसके पास करोड़ों की संपत्तियां हैं।

अफसर रामबिलास यादव के ट्रस्ट को करोड़ों की संपत्तियां दान में मिलीं। विजिलेंस की अब तक की जांच में यह बात सामने आई है। गाजीपुर और लखनऊ सहित कई शहरों में उनकी संपत्तियों की जांच में दान का खुलासा होने के बाद विजिलेंस की टीमें उनको मिले दान और दानदाताओं की विस्तार से जांच में जुट गई हैं। सीओ-विजिलेंस अनुषा बडोला के अनुसार, विजिलेंस की कई टीमें पूर्व आईएएस अफसर की संपत्तियों की नाप-जोख और मूल्यांकन के लिए विभिन्न शहरों में जुटी हुई हैं। ट्रस्ट को ये संपत्तियां लोगों ने दान में दी हैं। लिहाजा, विजिलेंस टीमों ने अपनी जांच में इन संपत्तियों को भी जोड़ दिया है।

वही, वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय कुमार मिश्रा की एकलपीठ ने शिकायतकर्ता लखनऊ निवासी हेमंत कुमार मिश्रा को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने विजिलेंस व सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी। याचिकाकर्ता यादव की ओर से बताया कि कोर्ट के आदेश पर वह विजिलेंस के समक्ष पेश हुए। उसके बाद भी उन्हें गिरफ्तार कर लिया जबकि सरकार के पास उनके विरुद्ध कोई सबूत तक नहीं है। उनकी पत्नी कुसुम ने भी अग्रिम जमानत को याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने कुसुम को भी कोई राहत न देते हुए सरकार से जवाब मांगा था।