उत्तराखंड के रुड़की शहर से बड़ी खबर! दो अस्पतालों के कर्मचारी मरीज को लेकर आपस में भिड़ गए और मामला इतना गंभीर हो गया कि अस्पताल बन गए अखाड़ा। सीसीटीवी में कैद हुई इस खूनी झड़प में लात-घूंसे और मारपीट तक हुई, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को दंग कर दिया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं—एक कह रहा है मरीज को जबरन उठाया गया, तो दूसरा कह रहा है अस्पताल पर धावा बोला गया। रुड़की के अस्पताल अब मसीहा नहीं, बल्कि अखाड़ा बन गए हैं! शहर के दो निजी अस्पताल संचालकों के बीच मरीजों को लेकर इतनी भयंकर झड़प हुई कि देखकर कोई भी हैरान रह गया। और ये पूरी घटना अब सीसीटीवी कैमरे में कैद हो चुकी है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि कैसे लात-घूंसे और मारपीट के बीच अस्पताल का माहौल युद्ध क्षेत्र जैसा हो गया। मामला इतना गंभीर है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मरीजों को जबरन उठाकर ले जाने और हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि रुड़की पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष ने आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है, लेकिन फुटेज के आधार पर मामले की जांच तेज़ कर दी गई है।
दोस्तो हरिद्वार जिले के रूड़की में मरीजों के लिए ‘मसीहा’ बनने वाले अस्पताल अब अखाड़े में तब्दील हो चुके हैं। शहर के दो निजी अस्पताल संचालकों के बीच मरीजों को लेकर ऐसी जंग छिड़ी कि देखकर हर कोई दंग रह गया। यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। दोनों पक्षों की तरफ से इस मामले में पुलिस को तहरीर दी गई है. तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच पड़ताल करने में जुट गई है। दोस्तो सीसीटीवी वीडियो सामने आया: दरअसल, रुड़की से मारपीट का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो में देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। अब इस पूरे विवाद की जड़ में आते है। इस विवाद की जड़ मरीजों की छीना-झपटी बताई गई है। दोस्तो नर्सिंग होम के संचालकों ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप: शहर के स्थित एक नर्सिंग होम के संचालक का आोरप है है कि दूसरे नर्सिंग होम के कर्मचारी उनके अस्पताल से एक मरीज को ‘किडनैप’ करने के अंदाज में जबरन उठाकर ले गए। जब वे इस बात की जानकारी लेने दूसरे नर्सिंग होम के संचालक के पास गए तो वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उन पर हमला कर दिया।
वहीं जब इस मामले में दूसरे नर्सिंग होम के संचालक कुछ और ही कहानी बात रहे है। उन्होंने कहा कि दो दर्जन से अधिक उपद्रवियों ने उनके अस्पताल पर धावा बोला है। तोड़फोड़ के साथ-साथ स्टाफ को भी लहूलुहान कर दिया। बहरहाल रुड़की पुलिस के पास अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से शिकायत नहीं पहुंची है। पुलिस ने किसी भी तरह की शिकायत मिलने से किया इंकार। पुलिस का कहना है कि तहरीर मिलने पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज इस मामले का सबसे बड़ा सबूत है। वैसे पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है. एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि इस मामले में अभी तक किसी भी पक्ष की तरफ से पुलिस को तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद कार्यवाही अमल में लाई जाएगी। जाहिर है, रुड़की में मरीजों की जिंदगी बचाने वाले अस्पताल अब सवालों के घेरे में हैं। मरीजों की सुरक्षा, अस्पतालों का आपसी संघर्ष और गंभीर आरोप—तीनों ने इस घटना को शहर के लिए चिंता का विषय बना दिया है। पुलिस जांच कर रही है और जैसे ही आधिकारिक शिकायत दर्ज होगी, कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस बीच सीसीटीवी फुटेज मामले का सबसे बड़ा सबूत बन गया है। रुड़की के अस्पताल अब सिर्फ इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि एक सस्पेंस और विवाद का अखाड़ा बन चुके हैं। हम इस मामले पर आने वाले अपडेट्स आपके साथ साझा करते रहेंगे।