पहाड़ों में आग का तांडव, बढ़ी चुनौती की इनसाइड स्टोरी? | Uttarakhand News | Panchayat | Chamoli

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उत्तराखंड के जंगलों में आग ने हफ़्तेभर से कहर ढाया हुआ है। नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व और फूलों की घाटी में धधकती आग ने वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 13 हज़ार फीट की ऊंचाई और खड़ी चट्टानों के कारण आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। Chamoli Nanda Devi Park Fire हालात इतने गंभीर हैं कि वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ज्योर्तिमठ में स्टैंडबाय पर तैनात किया गया है। आज मै आपको बताउंगा – क्यों नहीं बुझ रही आग और क्या है इस पूरे संकट के पीछे की इनसाइड स्टोरी। जी हां दोस्तो उत्तराखंड में फायर सीजन की औपचारिक शुरुआत से पहले ही जंगलों की आग चिंता बढ़ा रही है। विश्व धरोहर नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व और फूलों की घाटी में बीते एक हफ्ते से जंगल धधक रहे हैं। दुर्गम पहाड़ियां, खड़ी चट्टानें और 13 हजार फीट की ऊंचाई पर लगी आग ने वन विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात इतने चुनौतीपूर्ण हैं कि आग पर काबू पाने के लिए वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ज्योर्तिमठ में तैनात किया गया है, हालांकि फिलहाल ऑपरेशन शुरू नहीं हुआ है। जंगलों से उठता धुएं का गुबार खतरे की गंभीरता खुद बयां कर रहा है। दोस्तो उत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले ही जंगलों में आग भड़क रही है। शुष्क मौसम के कारण जंगलों में फैली सूखी पत्तियां और लकड़ियां आग को फैलाने में सहायक साबित हो रही हैं। चमोली जनपद के नंदा देवी बायोस्फियर रिज़र्व और फूलों की घाटी में एक हफ्ते से आग लगी हुई है, लेकिन इस आग पर काबू पाना वन विभाग के लिए चुनौती भरा साबित हो रहा है।

आग पर काबू पाने के लिए वायु सेना का हेलीकाप्टर भी ज्योर्तिमठ पहुंच गया है, क्योंकि जंगल में जिस स्थान पर आग लगी है, वहां खड़ी चट्टाने हैं और उन पर चढ़कर जाना वन कर्मियों के लिए बेहद मुश्किल भरा साबित हो रहा है। चमोली जनपद के ज्योर्तिमठ में सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात है। हालांकि, अभी वायु सेना ने ऑपरेशन बाम्बी बकेट शुरू नहीं किया है। नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व और फूलों की घाटी में पिछले एक सप्ताह से आज धधक रही है। जंगलों में दूर से ही धुएं का गुबार उठता हुआ दिखाई दे रहा है। जंगलों में लगी आग को नीचे की ओर आने से रोकने के लिए वन विभाग की अलग-अलग टीमें जुटी हुई हैं, लेकिन जंगल की चोटी में लगी आग को बुझाने में सफलता नहीं मिल पा रही है। वन कर्मियों ने हवाई सर्वेक्षण के जरिए हालात देख कर स्पष्ट किया है कि आग खुद ही बुझ जाएगी। हालांकि, गुरुवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के जंगलों में लगी आग हरे पेड़ों तक पहुंच गई। उधर, केदारनाथ वन्य जीव के प्रभागीय वन अधिकारी सर्वेश कुमार का कहना है कि जंगल में आग लगने से हुई क्षति का आकलन करने पर यही बात सामने आई है कि सूखे पेड़ों के जलकर गिरने से आग फैली है। निचले स्थान पर आग को फैलने से रोकने के लिए वन कर्मचारी और श्रमिकों को लगाया गया है। वहीं, वायु सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर ज्योर्तिमठ सेना परिसर स्थित हेलीपैड में तैनात किया गया है। दोस्तो आपको बता दूं कि 9 जनवरी को नंदा देवी नेशनल पार्क के पेनखंडा और भ्यूंडार रेंज की पहाड़ियों पर आग लगने की बात सामने आई थी। यह क्षेत्र लगभग 13000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है तो वहीं अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा नदियों के बीच खड़ी चट्टानों के कारण वन विभाग के कर्मचारियों को इन इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है। यहां तक कि एसडीआरएफपी मौके पर नहीं पहुंच पा रही है। उप जिलाधिकारी जोशीमठ की माने तो  वन विभाग से हुई वार्ता के अनुसार वायु सेना का एक हेलीकॉप्टर ज्योर्तिमठ में स्टैंडबाय पर रखा गया है, लेकिन वायु सेना के हेलीकॉप्टर से फिलहाल आग बुझाने का काम शुरू नहीं किया गया है। हेलीकॉप्टर फिलहाल दो-तीन दिनों तक ज्योर्तिमठ में ही तैनात रहेगा। उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की चिंताओं को बढ़ा दिया है। 13 हज़ार फीट की ऊंचाई, खड़ी चट्टानों और शुष्क मौसम ने आग को बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण बना दिया है। वायु सेना का हेलीकॉप्टर फिलहाल स्टैंडबाय पर है, लेकिन जैसे ही हालात नेशनल पार्क और आसपास के हरे-भरे क्षेत्रों के लिए खतरा बढ़ाएंगे, तुरंत कार्रवाई की जाएगी। इस गंभीर स्थिति में प्रशासन और वन विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। हम सभी नागरिकों से अपील करते हैं कि जंगलों के पास सावधानी बरतें और किसी भी तरह की लापरवाही से आग फैलने से बचाएं।