Ankita केस में पहला बड़ा एक्शन, ‘VIP’ पर CBI ने किया मुकदमा! | Uttarakhand News | Haridwar | cbi

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उत्तराखंड की वो बेटी जिसकी मौत ने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया। अंकिता भंडारी हत्याकांड जिसमें सज़ा तो मिल गई,लेकिन सवाल आज भी जिंदा है — वो वीआईपी कौन था?अब इस रहस्य पर से पर्दा उठने की आहट है। Ankita Murder Case Investigation क्योंकि सीबीआई ने VIP केस में लिया पहला बड़ा एक्शन।दिल्ली में मुकदमा दर्ज और आज सीबीआई की टीम उत्तराखंड पहुंच चुकी है। डिजिटल सबूत, वायरल ऑडियो, कॉल डिटेल्स और बैंकिंग रिकॉर्ड। क्या अब बेनकाब होगा वो नाम,जिसे अब तक सियासत ने ढक कर रखा?आज सवाल सिर्फ इंसाफ का नहीं सवाल है — क्या अंकिता को पूरा सच मिलेगा? दोस्तो उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में सीबीआई की दिल्ली स्पेशल क्राइम ब्रांच (शाखा-2) ने दिल्ली में अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है. सोमवार को टीम जांच के लिए देहरादून और ऋषिकेश पहुंच चुकी है, ताकि मामलों के सबूत इकट्ठा किए जा सकें और विस्तृत पूछताछ की जा सके। दोस्तो बता दूं कि उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में भले ही मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा मिल गई हो, लेकिन मामला अभी भी सुर्खियों में बना हुआ है।

वजह है वो वीआईपी जिसको लेकर सियासत तेज है, लेकिन वीआईपी के नाम का राज आज भी बरकरार है। गौर हो कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने फेसबुक पर एक वीडियो जारी किया था। अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अपनी और सुरेश राठौर की मोबाइल पर हुई बातचीत का कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग सुनाया था। जिसमें अंकिता भंडारी हत्याकांड का जिक्र भी किया गया था। इस ऑडियो रिकॉर्डिंग के प्रदेश में सियासी घमासान मच गया। इस मामले में वीआईपी के नाप पर राजनीति तेज हो गई। कांग्रेस ने वीआईपी कंट्रोवर्सी को मुद्दा बनाया और पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया। दोस्तो वहीं इस मामले में कई संगठनों ने धरना प्रदर्शन किया जिसके बाद से सीबीआई जांच की मांग की जा रही है। इसे लेकर नौ जनवरी को सीएम पुष्कर धामी ने इस मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति दी थी। जानकारी के अनुसार सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने अब कथित वीआईपी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और गहराई से जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि सीबीआई की जांच में अब डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग, संपर्क विवरण, वायरल आडियो-वीडियो, गवाह बयान और अन्य दस्तावेजी सबूतों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड की घटना के बाद सरकार ने एसआईटी यानी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की। जांच के बाद वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता और कर्मचारी सौरभ भास्कर को गिरफ्तार किया गया। हत्याकांड में मुख्य आरोपी पुलकित आर्या समेत तीनों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। प्रदेश में प्रदर्शन के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात के बाद सीबीआई जांच की संस्तुति दी थी। मामला तो किसी छिपा नहीं है जब पौड़ी की रहने वाली अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट के रिसेप्शन पर काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को रिजॉर्ट पर ही किसी बात को लेकर रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्या और उसके दो साथियों सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के बीच विवाद हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया के इन तीनों ने मिलकर अंकिता की हत्या की। घटना को अंजाम देने के बाद अंकिता भंडारी की बॉडी को चीला नहर में फेंक दिया। घटना में पुलिस जांच हुई तो अंकिता भंडारी का शव इसी नहर से बरामद किया गया। मामले को लेकर उत्तराखंड में जमकर विरोध प्रदर्शन हुए। मामले में प्रदेश सरकार ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मामले को लेकर एसआईटी का गठन भी सरकार ने तत्काल किया था। अंकिता को इंसाफ मिला लेकिन क्या पूरा सच सामने आया?तीनों आरोपी सलाखों के पीछे हैं, लेकिन वीआईपी का चेहरा आज भी धुंध में है। अब सीबीआई मैदान में है, डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं, कॉल रिकॉर्ड, ऑडियो-वीडियो और दस्तावेज़ों की परतें खुल रही हैं। सवाल यही है — क्या इस बार कानून पद और पहुंच से ऊपर उठ पाएगा?या फिर अंकिता का वीआईपी सवाल एक बार फिर फाइलों में दबा दिया जाएगा? देश और प्रदेश की निगाहें अब सीबीआई पर टिकी हैं क्योंकि अंकिता को इंसाफ तभी पूरा होगा,जब हर नाम बेनकाब होगा।