दोस्तों, आज मै एक चौंकाने वाली खबर लेकर आए हैं जो आपके होश उड़ा देगी! उत्तराखंड में फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाकर कुछ विदेशी महिलाएं अवैध तरीके से रह रही थीं, लेकिन अब पुलिस ने उन्हें धर दबोचा है। इस गिरफ्तारी के बाद कई बड़े राज भी सामने आए हैं जो देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय हैं। जानिए कौन हैं ये महिलाएं, कैसे वे फर्जी दस्तावेज बनाकर रह रही थीं, और पुलिस ने कैसे किया इस घोटाले का पर्दाफाश। पूरी खबर के लिए बने रहिए हमारे साथ। दोस्तो उत्तराखंड में ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत पुलिस ने फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से देहरादून में रह रही तीन विदेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया है. जिनमें 1 किर्गिस्तान और 2 उज्बेकिस्तान की है. गिरफ्तार विदेशी महिलाओं में से एक महिला पहले एक साल की वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा खत्म होने के बाद अपने देश वापस न जाकर अवैध रूप से भारत में रहने लगी। इसके अलावा दो अन्य गिरफ्तार विदेशी महिलाएं अवैध तरीके से नेपाल के रास्ते भारत आई थीं। तीनों विदेशी महिलाओं ने भारत में अपने परिचित के माध्यम से फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए थे। इतना ही नहीं गिरफ्तार विदेशी महिलाओं में से एक को पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारत में रहने पर बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। यहां दोस्तो आपको बता दूं कि बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की तलाश के लिए पूरे उत्तराखंड में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में चेकिंग व सत्यापन अभियान चलाने को कहा गया है. जिसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में निवास कर रहे संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कड़ी में रायपुर पुलिस ने बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के दौरान तीन विदेशी महिलाओं को पकड़ा है। दोस्तो पुलिस की माने तो एक आरोपी इरिका है, जो किर्गिस्तान की रहने वाली है। साल 2023 में 1 साल के वीजा पर भारत आई थी, जो वीजा समाप्त होने के बाद अपने देश न जाकर अवैध रूप से भारत में रहने लगी। अन्य दो आरोपी करीना और निगोरा, जो उज्बेकिस्तान की रहने वाली हैं। साल 2022 और 2023 में नेपाल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में आई थी, जो भारत में दिल्ली समेत अलग-अलग स्थानों पर रही। दरअसल, दोस्तो देहरादून के एक कॉम्पलैक्स के तीसरे फ्लोर में स्थित एक फ्लैट में तीन विदेशी महिलाएं संदिग्ध परिस्थिति में निवास करते हुए पाई गईं। जिनसे भारत में रहने के लिए वैध दस्तावेज मांगने पर वो कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा पाई। संदिग्धता के आधार पर पुलिस ने तीनों विदेशी महिलाओं को हिरासत कर पूछताछ की। दोस्तो पूछताछ में एक महिला ने अपना नाम ईरीका (उम्र 29 वर्ष) मूल निवासी किर्गिस्तान, करीना मूल निवासी उज्बेकिस्तान (उम्र 30 वर्ष) और निगोरा निवासी उज्बेकिस्तान (उम्र 32 वर्ष) बताया. तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 1 पासपोर्ट, 3 आधार कार्ड, 2 पैन कार्ड, 1 Kyrgyz I-Card, 1 आधार कार्ड की छायाप्रति, 2 एसबीआई बैंक पासबुक, 7 मोबाइल फोन एवं 5 विदेशी मुद्रा के नोट बरामद हुए। वहीं, दोस्तो मौके से तीनों विदेशी महिला आरोपियों को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने पर गिरफ्तार किया गया जिनके खिलाफ रायपुर थाने में आप्रवास और विदेशियों विषयक अधिनियम 2025 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया। दोस्तो बताया ये जा रहा है कि तीनों की एक दूसरे से मुलाकात दिल्ली में ही हुई थी। इस दौरान तीनों ने अपने परिचित के माध्यम से अपने नाम से फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए। आरोपी निगोरा को पहले भी बिहार पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रहने के अपराध में गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जो जमानत पर बाहर आने के बाद भी अपने देश न जाकर अवैध रूप से भारत मे रह रही थी। वहीं पूछताछ में तीनों आरोपी महिलाओं के पिछले 6 से 7 महीने से देहरादून में अलग-अलग स्थानों पर रहने की जानकारी पुलिस को मिली है। साथ ही उनके फर्जी भारतीय दस्तावेज बनाने में उनकी सहायता करने वाले व्यक्तियों की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिनके खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। दोस्तों, ये थी देहरादून से एक चौंकाने वाली और महत्वपूर्ण खबर, जहां फर्जी दस्तावेजों के जरिए विदेशी महिलाओं की अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करके न केवल कानून को मज़बूत किया बल्कि सुरक्षा के प्रति सख्त संदेश भी दिया। याद रखिए, सुरक्षा और vigilance ही हमारे समाज को सुरक्षित बनाती है। पुलिस की तत्परता और सतर्कता से ही ऐसे मामलों को रोका जा सकता है।