बुरे फंस गए उत्तराखंड के चार लाल, सावधान! कहीं आप देख रहे ये सपना!| Uttarakhand News | Kashipur News

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“बुरे फंस गए! उत्तराखंड के चार युवा, नौकरी के सपने के लिए दुबई गए थे और अब मदद की गुहार लगाई जा रही है। पासपोर्ट जब्त, धमकियां और ठगी का मामला सामने आया है। सावधान! कहीं आप भी तो इस तरह के लालच के जाल में फंस नहीं रहे हैं। दोस्तो आपको सावधान करने वाली खबर है, खास कर वो लोग जो देश छोड़़ विदेश में रोजगार कर मोटा पैसा कमाना चाहते हैं, क्योंकि खटीमा और रामपुर के चार युवकों की दुबई में नौकरी का सपना बन गया डरावना सच। नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, पासपोर्ट जब्त और धमकियां—युवकों ने मदद के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया। ऊधमसिंहनगर के SSP ने तुरंत संज्ञान लिया और जांच के आदेश दे दिए हैं। विदेश मंत्रालय की मदद से चारों युवकों को सुरक्षित भारत लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। युवा विदेश में नौकरी करने का सपना तो देखते हैं, लेकिन धोखाधड़ी का शिकार हो जाएं तो उनकी परेशानियां बढ़ जाती हैं. कुछ ऐसा ही तस्वीर दुबई से सामने आई हैं, जहां फंसे चार युवकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पुलिस से गुहार लगाई है। जिसके बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की जांच सौंपते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है है। दुबई में फंसे चार युवकों ने वीडियो के माध्यम से उधमसिंह नगर के एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मदद की गुहार लगाई है, जिस पर एसएसपी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने खटीमा कोतवाली पुलिस को मामले की जांच सौंपते हुए मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, साथ ही उत्तर प्रदेश के रामपुर पुलिस को भी घटना की जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें चार युवक जुगेश और लल्लन प्रसाद निवासी खटीमा, जबकि विशाल शर्मा और रंजीत सिंह निवासी रामपुर, उत्तर प्रदेश ने दुबई में फंसे होने की दर्दनाक कहानी साझा की। पीड़ित युवकों का आरोप है कि खटीमा और रुद्रपुर के दो एजेंटों ने उन्हें दुबई में ‘पानी की टूटी पैकिंग’ के कार्य का झांसा देकर विदेश भेजा और इसके बदले उनसे मोटी रकम वसूली गई, लेकिन दुबई पहुंचते ही एजेंटों ने उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए और उन्हें अत्यधिक गर्म व प्रतिकूल परिस्थितियों में काम करने पर विवश किया गया।

वीडियो में युवकों का कहना है कि जब उन्होंने इस शोषण का विरोध किया तो उन्हें धमकियां दी जाने लगीं, जिससे वे भय और असहाय स्थिति में फंस गए। वीडियो सामने आते ही एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल संज्ञान लिया। एसएसपी ने खटीमा कोतवाली पुलिस को जांच के निर्देश दिए, साथ ही रामपुर (यूपी) पुलिस को भी पूरे मामले से अवगत कराया गया। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि पीड़ितों के स्वजनों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि युवकों को दुबई भेजने वाले एजेंट कौन हैं। दोषी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित युवकों को सुरक्षित भारत वापस लाने के प्रयास किए जाएंगे। दुबई में फंसे चार युवकों की दर्दनाक कहानी ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने मामले की तुरंत जांच शुरू कर दी है और दोषी एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं, विदेश मंत्रालय के सहयोग से युवकों को सुरक्षित भारत लाने के प्रयास जारी हैं। यह मामला एक चेतावनी है कि नौकरी के लालच में धोखाधड़ी के जाल में फंसने से पहले सतर्क रहना बेहद जरूरी है।