सावन का चौथा और अंतिम सोमवार, हरिद्वार में उमड़ी कावड़ियो की भीड, लगी वाहनों की लंबी कतार

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Sawan Last Somwar 2022: महादेव का प्रिय माह सावन अब समाप्ति की ओर है। सावन का चौथा और आखिरी सोमवार 8 अगस्त यानी आज है। 12 अगस्त 2022 को सावन खत्म हो जाएगा और भाद्रपद महीने की शुरुआत हो जाएगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवालय में विशेष पूजा और जलाभिषेक करते हैं वहीं, कल शाम से ही सावन का आखिरी सोमवार होने को लेकर हरिद्वार में कांवड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था।

कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ से हरिद्वार के कई क्षेत्रों में जाम की स्थिति भी पैदा हो गई। आखिरी सोमवार में नीलकंठ महादेव पहुंचने वाले कांवड़ियों का रैला लगा हुआ है। जिसके चलते श्यामपुर और चिल्ला क्षेत्र में जगह-जगह भारी भीड़ देखने को मिल रही है। सावन में पूरे एक महीने भक्त अपने आराध्य भोले शंकर को प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के अनुष्ठान करते रहते हैं। यहां से अधिकतर कावड़िये नीलकंठ महादेव पहुंच भगवान शंकर का जलाभिषेक करते हैं।

अत्यधिक संख्या में कांवड़ियों के पहुंचने के कारण श्यामपुर क्षेत्र में जगह-जगह वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली रही है। अधिकतर कांवड़िये ऋषिकेश होते हुए नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचते हैं। यही कारण है कि सबसे ज्यादा भीड़ भी इसी रोड पर देखने को मिल रही है। इस क्षेत्र में वाहनों को व्यवस्थित करने के लिए काफी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात की गई है, लेकिन इसके बावजूद इस इलाके में वाहन सिर्फ रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। वाहनों की लंबी कतार यह बताने के लिए काफी है कि आखिरी सोमवार का शिव भक्तों के लिए कितना महत्व है।

मान्यता है इस दिन व्रत रख सच्चे मन रुद्राभिषेक करने से तमाम सुखों की प्राप्ति होती है। रुद्राभिषेक का मतलब है भगवान रुद्र का अभिषेक अर्थात शिवलिंग का मंत्र सहित अभिषेक। अगर सावन में भोलेनाथ का रुद्राभिषेक न कर पाएं हो तो सावन के आखिरी सोमवार पर रुद्राभिषेक कर भोलेनाथ की कृपा पाने का अवसर है। कहते हैं सावन सोमवार के दिन शिव का रुद्राभिषेक करने से समस्त रोगों का नाश होता है और ग्रह दोषों से मुक्ति मिलती है।