Fraud Case कौन है फर्जी महिला LIU अफसर? | Operation Thunder Blast | Uttarakhand News

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उत्तराखंड पुलिस में बड़ा विवाद सामने आया है जहां बेरोजगार संघ ने ‘ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट’ के तहत गंभीर आरोप लगाते हुए LIU में तैनात एक महिला दरोगा पर दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का दावा किया है। आखिर कौन है ये महिला अफसर?और कैसे इंटर से लेकर ग्रेजुएशन, स्थाई निवास और चरित्र प्रमाण पत्र तक पर सवाल खड़े हो गए हैं?RTI के जरिए सामने आए इन आरोपों ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। क्या है इस पूरे मामले की सच्चाई और किन दस्तावेजों ने मचाया बवाल बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो आप चौंक जाएंगे इस नए खुलासे कि कैसे देवभूमि की आंतरिक सुरक्षा संभालने वाली एलआईयू और क्या उसी एलआईयू में फर्जी कर्मि तैनात हैं। बताता हूं आपको सिलसिलेवार तरीके से। दोस्तो खंड बेरोजगार संघ द्वारा शुरू किया गया “ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट” राज्य में भर्तियों में हो रहे घोटालों और फर्जी दस्तावेजों के खिलाफ एक सख्त अभियान है संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में इस मुहिम के तहत पुलिस महकमे में फर्जी डिग्रियों से तैनात कर्मियों के मामलों का भंडाफोड़ किया जा रहा है और दोषी कर्मचारियों की बर्खास्तगी की मांग की जा रही है। दोस्तो इसी क्रम में उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने आज “ऑपरेशन थंडर ब्लास्ट” अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए उत्तराखंड पुलिस विभाग में तैनात महिला दरोगा आरती अरोड़ा के फर्जी शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों और अन्य दस्तावेजों का खुलासा किया है। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरती अरोड़ा, वर्तमान में हल्द्वानी में (LIU) यूनिट में तैनात हैं।

आरती अरोड़ा 10वीं मुरादाबाद, 12वीं इलाहाबाद और ग्रेजुएशन जोधपुर (राजस्थान) से पास होने का दावा किया है। आरती अरोड़ा 12वीं की अंक तालिका भारतीय शिक्षा संस्थान, इलाहाबाद से बनाई गई है, जो किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से संबद्ध नहीं है। दोस्तो इतना ही नहीं भारत सरकार और शिक्षा मंत्रालय से प्राप्त आरटीआई जवाब में भी ये साफ कहा गया है कि ऐसा कोई संस्थान उनके रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। दोस्तो राम कंडवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में LIVE DEMO दिखाकर उसी संस्थान में फोन किया और संस्थान ने स्पष्ट रूप से कहा कि साल 2012 तक की मार्कशीट यहां से 15 हजार रुपए में बन जाएगी। दोस्तो ग्रेजुएशन की अंक तालिका राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, जोधपुर से ली गई है, जिसकी फर्जी अंक तालिका मात्र एक वर्ष में ढाई लाख रुपये में बनाई गई थी। ये भी खुलासा उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने किया है इसके अलावा एक चौंकाने वाली बात ये भी कि इस पूरे मामले जानकारी उत्तराखंड पुलिस को भी है, ऐसा बेरोजगार संघ का कहना है।

दोस्तो यहां कुछ कागज दिखा कर ये दंग कर देने वाला खुलासा किया कि राजस्थान एसटीएफ, एसओजी और राजस्थान पुलिस की जांच में यह पाया गया था कि एक सॉफ्टवेयर के जरिए बड़े पैमाने पर फर्जी अंक तालिकाएं बनाई जा रही थीं। इस घोटाले की सूची में आरती अरोड़ा का नाम भी शामिल था, जिसे राजस्थान की जांच एजेंसियों ने सार्वजनिक भी किया था। इसके अलावा दोस्तो2014 में उत्तराखंड पुलिस में दरोगा भर्ती के दौरान आरती अरोड़ा ने अंतिम शिक्षा संस्थान का चरित्र प्रमाण-पत्र देने के बजाय 11वीं कक्षा का चरित्र प्रमाण-पत्र जमा किया था, जो भर्ती विज्ञप्ति के बिंदु संख्या 5 का सीधा उल्लंघन था। दोस्तो साल 2015 के दरोगा भर्ती परीक्षा घोटाले में भी आरती अरोड़ा पर नकल का आरोप लगा था, हालांकि बाद में सभी आरोपियों को छोड़ दिया गया था, लेकिन क्या इस बात की जानकारी उत्तराखंड पुलिस को और सियासत को है और सब ने आंखे बंद कर रखी हैं। आंखे बंद क्यों है। दोस्तो अब ये खुलासा और सवालों के साथ कि आखिर एक फर्जी महिला अधिकारी उत्तराखंड में बेरोकटोक काम कर रही है, क्यों कैसे ये संभव है, लेकिन इसके पीछे का कारण सियासत से जुड़ रहा है वो कैसे देखिए। अब तो दोस्तो वो नेता ऐसा कौन है बल और क्या ऐस मामले की जांच नहीं होनी चाहिए। ऐसे फर्जी लोक कितने अपने उत्तराखंड में बेहद ही संवेदनशील विभागों में कार्यरत हैं, जैसा की एलआईयू। दोस्तो वैसे गजब बात है ना यहां कि हल्दिवानी पुलिस विभाग का LIU यूनिट अत्यंत संवेदनशील विभाग है। अगर इसमें फर्जी डिग्री वाले लोग भर्ती हो जाते हैं तो यह पूरे राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए घातक है लेकिन ये जानकारी बेरोजगारों के पास है, लेकिन जो लोग जिम्मेदार बानए गए वो लोग इस बड़े मामले में के बारे में जानते तक नहीं।