अब सफर भी हुआ महंगा, उत्‍तराखंड में आज से बस, आटो और विक्रम में होगी जेब ढीली, पढ़ें कितना बढ़ा किराया

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देहरादून: राज्य में आज से सभी बस, टैक्सी, आटो व विक्रम का सफर करने में आपको जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। उत्तराखंड में दो साल के इंतजार के बाद शुक्रवार को सभी तरह के यात्री वाहनों और माल भाड़ा वाहनों का किराया बढ़ा दिया गया। सबसे ज्यादा मार टैक्सी में यात्रा पर पड़ेगी, क्योंकि परिवहन प्राधिकरण ने टैक्सी की श्रेणी के हिसाब से किराये में वृद्धि की है। यात्री वाहनों के किराये में जहां 15 से 27 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है, वहीं मालभाड़े में करीब 38 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। दो दिन पहले हुई राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए) की बैठक के बाद शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय ने सभी तरह के वाहनों के किराये की नई दरें जारी कर दीं।

परिवहन आयुक्त अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि बस और टैक्सियों के किराये में करीब 22 प्रतिशत, चारधाम यात्रा पर संचालित होने वाली बसों के किराये में करीब 27 प्रतिशत, ऑटो व तिपहिया वाहनों के किराये में 15 से 18 प्रतिशत, माल भाड़े में करीब 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। परिवहन प्राधिकरण ने टैक्सी की श्रेणी के हिसाब से किराये में वृद्धि की है। इसमें आठ लाख रुपये तक मूल्य वाली टैक्सी को साधारण और 15 लाख रुपये तक की टैक्सी डीलक्स श्रेणी में रखी गई है। प्राधिकरण ने 25 लाख रुपये तक की टैक्सी को लग्जरी, जबकि इससे अधिक मूल्य वाली टैक्सी को सुपर लग्जरी की श्रेणी में रखा है। इनका किराया श्रेणी के अनुसार प्रति किमी तय किया गया है।

उन्होंने बताया कि परिवहन निगम अधिकतम 20 प्रतिशत कर्मचारी कल्याण अधिभार आरोपित कर सकता है। ई-रिक्शा, किराये पर चलने वाले दुपहिया वाहनों और एंबुलेंस के लिए पहली बार किराये की दरें निर्धारित की गई हैं। आटो में पहले दो किमी का किराया 60 रुपये, जबकि इससे ऊपर किराया 18 रुपये प्रति किमी रहेगा। रात्रि में किराया 50 प्रतिशत अधिक होगा। प्राधिकरण ने विक्रमों का किराया पहले दो किमी तक 50 रुपये और उसके बाद प्रति किमी 18 रुपये तय किया है। चारधाम यात्रा मार्ग की बसों का किराया भी बढ़ाया गया है। काफी समय से ट्रांसपोर्टर इसे लेकर राज्य सरकार पर दबाव बना रहे थे।

इतनी हुई किराए में बढ़ोतरी

  • बस और टैक्सियों का किराये में लगभग 22 % बढ़ोत्तरी
  • चारधाम हेतु संचालित बसों के किराए में 27 % बढ़ोत्तरी
  • ऑटो और तिपहिया वाहनों के किराए में 15 से 18 %
  • माल भाड़े में लगभग 38% की वृद्धि
  • माल भाड़ा 2016 से नहीं बढ़ाया गया था
  • परिवहन निगम अधिकतम 20 % कर्मचारी कल्याण अधिभार आरोपित कर सकता है
  • ई रिक्शा, किराए पर चलने वाले दुपहिया वाहनों, और एम्बुलेंस के लिए पहली बार किराए की दरें निर्धारित की गई हैं।