देवभूमि की सदन की मर्यादा क्या सच में तार-तार हो गई?जहां से पूरे उत्तराखंड की दिशा तय होती है, वही गैरसैंण सदन ऐसी ऐसी घटना का गवाह बन गया, जिसने लोकतंत्र की गरिमा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए। जो नज़ारा इस बार विधानसभा सत्र में देखने को मिला, वो शायद पहले कभी नहीं हुआ होगा हंगामा, तीखी नोकझोंक और ऐसा माहौल कि पूरी देवभूमि हैरान रह जाए। Uttarakhand Assembly Budget Session आख़िर ऐसा क्या हुआ गैरसैंण के सदन मे?किस वजह से टूट गई सदन की मर्यादा?और क्यों ये घटना बन गई पूरे उत्तराखंड में चर्चा का सबसे बड़ा विषय? आप शायद नहीं देखी होगी लेकिन मै दिखाउंगा आपको एक एक कर हर वो तस्वीर जिसने पूरे उत्तराखंड को चौकाने का काम किया है। दोस्तो उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। 9 मार्च से शुरू हुए इस सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पारित किया गया। विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र के दौरान कुल 41 घंटे 10 मिनट कार्यवाही चली। इस दौरान सदन में 4 अध्यादेश और 12 विधेयक प्रस्तुत किए गए, जिन्हें पारित किया गया। साथ ही पांच सरकारी संकल्प भी सदन में लाए गए। सत्र के दौरान सदस्यों द्वारा विभिन्न जनहित मुद्दों पर चर्चा भी की गई।
दोस्तो अच्छी बात है गैरसैंण में 4-5 दिन सत्र चला। तमाम विधायकों ने अपनी अपनी बात रखी होगी लेकिन दोस्तो कुच कार्यवाही 41 घेटे 10 मिनट में कुछ ऐसा भी हुआ जिसे विधानसभा अध्यक्ष बता भी नहीं सकती। हां एक सवाल मेरा ये क्या वो घटनाक्रम रिकॉर्ड में गया होगा। जहां एक बार नहीं कई बार सदन की मर्यादाओं को दरकिनार कर कभी बातों से तो कभी इशारों से हमारे मानीय नेताओं ने वो कारनामा भी कर दिखाया। जिसे शायद ही कोई उत्तराखंडी देखना चाहता हूं लेकिन वो घटनाक्रम की एक एक तस्वीर मै बताने जा रहा हूं। गौर कीजिएगा और वीडियो को अंत तक देख कर अपनी राय जरूर दीजिएगा। जी हां दोस्तो सदन मे सत्ता और विपक्ष के दो दिग्गज विधायकों के बीच हुई जुबानी जंग ऐसी हुई कि देखने वाले देखते रह गए। सदन मे भिड़ गए Pritam Singh और munna singh चौहान। दोनों ने एक दूसरे क़ो सुना डाली खरी खरी, लेकिन मामला सदन मे ज्यादा व्यक्तिगत हो गया। क्योंकि दोनों एक ही विधानसभा क्षेत्र से लंबे वक्त से सियासत करते आ रहे हैं, लेकिन अब देखिए ना पहाड़ में महिलाओं ने शराब के खिलाफ एक अलग मुहीम चला रखी है बैन की जा रही है। लेकिन हमारे मानीय संदन में ये सवाल पूछ रहे हैं कि कौन-कौन शराब पीता है कौन नहीं। तो गंगाजल हाथ में लेकर दावा किया जा रहा है कौन-पीता है कौन नहीं गंगाजल नहीं, शराब लेकिन इससे इतर बहुत सी तस्वीरें मेरे पास जो उत्तराखंड की सेहत के लिए बेहत घातल लगता है। सदन में सड़क छाप भाषा , तू तड़ाक, कुपोषित , क़ाज़ी निजामुद्दीन और मंत्री सुबोध उनियाल के बीच ये कैसी बहस। है ना गजब का माहौल ये विधानसभा है अपनी गैरसैंण वाली, पहाड़ वाली, भाषा बोली कौन सी वाली है।
इसके अलावा जहां बयान बाजी तमाम थी। कुछ ने मुंह से उगला गंद तो कुछ इशारों-इशारों में ही बहुत कुछ कह गए। दोस्तो बीजेपी विधायक बंशीधर बगत के इशारे भी काफी चर्चा में रहे हैं। इधर तो पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज तो विपक्षी सवालों से घिर गए लेकिन एक मौका ऐसा भी जब अपने ही जवाब में उलझ गए कृषिमंत्री गणेश जोशी। इसके बाद एक और तस्वीर ऐसी भी कि कार्यमंत्रणा समिति पर सदन में संग्राम देखने को मिला क्यों दिए इस्तीफे, कैसे तय हुआ बिजनेस सदन उलझ गया। ये दरअसल मदरसा बोर्ड भंग करने और तमाम तरह की हो हो रही कार्रवई ईपर विधायक शहजाद का रिएक्शन था लेकिन इसके बाद एक और बयान दिखाता हूं। यहां एक विधायक ने तक पूछ लिया कि गैरसैंण जल्दी भागने का कारण क्या है। दोस्तो ये तामम बाते ठिक थी, लेकिन तब क्या हो जब ये तस्वीर देखने को मिली इसे देख कर कहेंगे आपर। जी हां दोस्तो एक तरफ सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों की करार तो खूब दिखी नियम कायदे सब टूटे ही कुछ मामलों में अच्छी बहस भी देखने को मिली लेकिन सदन की कार्वाई के बीच ऐसा मौका भी आया जब विधानसभा अध्यक्ष पर सवाल उठ गए। स्पीकर पर नियमों की अनदेखी का आरोप, विपक्ष ने किया जोरदार हंगामा कर दिया तो कया कहेंगे आप इन तस्वीरों को देखने के बाद और हां एक सवाल ये कि क्या ये भी रिकोर्ड होगा विधानसभा की कार्यवाही में।