Gairsainपहाड़ के बड़े मुद्दे सदन से सड़क तक में शोर | Pauri | Leopardattack | Uttarakhand News

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जी हां दोस्तो एक तरफ पहाड़ की राजधानी में पहाड़ी की बड़ी परेशानी पर सदन में खूब हो रहा था शोर तो वहीं दूसरी तरफ उसी मुद्दे पर खड़ा हो गया बड़ा हंगामा। दोस्तो सदन में गूंजा बड़ा मुद्दा, और वहीं जंगल में शिकारी का हमला! गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को बंद कर दिया, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया है। पहाड़ के इन बड़े मुद्दों ने सदन से लेकर सड़क तक हड़कंप मचा दिया है। पूरी खबर बताता हूं आपको अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो हम उसे घेरने की रणनीति बनाते रहे और तब तक उसने अपनी एक और चाल चल दी। इस जंगली शिकारी से पार पाने में अब तक पूरी तरह से नाकाम दिखाई दिया वन विभाग और प्रशासन। अब तो लोगों ने इन कर्मचारियों को गोठियाना भी शुरू कर दिया है। मतबल घर के निचले वाले कमरे में बंद करना शुरू कर दिया है। जी हां दोस्तो ये वो गुस्साए ग्रामीणों का एक्शन है जो बीते कई महिनों से जंगली जानवरों के आतंक से परेशान हैं, लेकिन विभाग और प्रशाशन के पास कोई काट जंगली शिकारी की नहीं। दोस्तो ये तब है जब गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान वन विभाग से जुड़े मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। मानव-वन्य जीव संघर्ष, मुआवजा, रोपवे परियोजना और वन कानूनों को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायकों ने वन मंत्री सुबोध से तीखे सवाल किए गए। उस पर अपनी रणनीति को लेकर वन मंत्री सुबोध उनियाल बता रहे थे, लेकिन तभी एक तस्वीर निकल आई और वहां भी पहुंची जहां कभी कभी कबार पहुच कर जनमुद्दों का शोर होता है यानि की सदन तक वो तस्वीर के बारे में बताता हूं।

दोस्तो दरअसल पौड़ी जिले के कोट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले बलमणा गांव में सोमवार देर शाम गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान प्रकाश लाल (45 वर्ष) के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि गुलदार ने व्यक्ति पर हमला कर उसे अपना निवाला बना लिया और शव को सड़क से नीचे घसीटकर ले गया। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह ग्रामीणों को मिली, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग और प्रशासन की टीम को एक कमरे में कैद कर दिया और जमकर नारेबाजी की। दोस्तो ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसकी जानकारी कई बार वन विभाग को दी गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। यहां दोस्तो गौर करने वाली बात ये भी है कि उत्तराखंड में गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। आए दिन गुलदार के हमले में लोग जान गंवा रहे हैं। इसके बावजूद वन विभाग की मुस्तैदी काम नहीं आ रही है जिससे लोगों में खासा रोष व्याप्त है। पौड़ी ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार के इस हमले के बाद लोग घर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। वहीं बच्चों का स्कूल जाना भी अब सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन की टीम को एक कमरे में कैद कर दिया और जमकर नारेबाजी की।

दोस्तो यहां ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत शूटर तैनात किया जाए, ताकि गुलदार को पकड़ा या मार गिराया जा सके और लोगों को राहत मिल सके। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है और मामले की जांच की जा रही है। डीएफओ पौड़ी महातिम यादव ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचे हैं. गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया था, जिसके बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है. जनता की समस्याओं को सुना जा रहा है और समाधान निकाला जाएगा। वहीं आपको दोस्तो ये भी बता दूं जनवरी 2026 के महीने भी गुलदार ने बाड़ा गांव में नेपाली मूल के एक व्यक्ति को अपना निवाला बना लिया था। घटना के बाद लोगों में दहशत फैल गई थी। स्थानीय लोगों ने तब वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार से आतंक से निजात दिलाने की मांग की थी। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने वन महकमे के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। स्थानीय लोगों ने कहा था कि बाड़ा के पास गजल्ड गांव में पहले भी लेपर्ड दिखाई दिया था। जिसके बाद लेपर्डको शूट किए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी लेकिन लगातार क्षेत्र में लेपर्ड की सक्रियता से लोग खौफ के साए में थे। दोस्तों, कैसे पहाड़ की गलियों में मानव-वन्यजीव संघर्ष ने स्थानीय जीवन को भय और तनाव में बदल दिया है। सदन से लेकर सड़क तक, जंगली शिकारियों की सक्रियता और प्रशासन की सुस्ती के बीच लोग अब अपनी सुरक्षा को लेकर सचमुच असहाय महसूस कर रहे है।