जी हां दोस्तो उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने राज्य का नया ‘महाबजट’ पेश कर दिया है, जिसकी कुल राशि है 1.11 लाख करोड़ रुपये। इस बजट में महिला सशक्तिकरण, गांवों के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास जोर दिया गया है। Uttarakhand Budget Session 2026 विश्लेषकों का कहना है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देवभूमि की तस्वीर बदलने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है। आइए जानते हैं इस महाबजट के अहम पहलुओं और किस क्षेत्र में क्या बदलाव देखने को मिल सकता है। बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सोमवार से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया. खास बात यह रही कि राज्य गठन के बाद पहली बार राज्यपाल का अभिभाषण और बजट पेश करने की प्रक्रिया एक ही दिन में हुई, लेकिन जहां विपक्षी सरकार पर लगातार हमलावर दिखाई दिए तो वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने इस पहली बार वाले बयान ने बहुत कुछ बता दिया। दोस्तो राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सदन को संबोधित किया, जिसके बाद दोपहर तीन बजे के बाद मुख्यमंत्री धामी ने बजट पेश किया. वहीं सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के प्रवेश द्वार पर महिलाओं पर बढ़ते अत्याचार, बेरोजगारी, भर्ती घोटाले, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर प्रदर्शन भी किया। कैसे महिला सशक्तिकरण पर खास फोकस रहा वो बताता हूं। दोस्तो बजट में महिलाओं और बच्चों के लिए कई योजनाओं के लिए धनराशि का प्रावधान किया गया है।
- नंदा गौरा योजना – 220 करोड़ रुपये
- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना – 47.78 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना – 25 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना – 30 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना – 13.44 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री आंचल अमृत योजना – 15 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री बाल एवं महिला बहुमुखी विकास निधि – 8 करोड़ रुपये
- निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों के विवाह के लिए – 5 करोड़ रुपये
- अल्पसंख्यक मेधावी बालिका प्रोत्साहन योजना – 3.76 करोड़ रुपये
- ईजा-बोई शगुन योजना – 14.13 करोड़ रुपये
- महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, चंपावत निर्माण – 10 करोड़ रुपये
- गंगा गाय महिला डेयरी विकास योजना – 5 करोड़ रुपये
दोस्तो इसके अलावा एक और खास बात ये भी कि नई योजनाओं के लिए भी बड़े प्रावधान किए गए, तो वहीं बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को भी प्राथमिकता दी गई है। इसे कुछ ऐसे समझिए।
- कुंभ मेले के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए केंद्र से 1027 करोड़ रुपये का अनुदान
- विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन – 705.25 करोड़ रुपये
- निर्भया फंड – 112.02 करोड़ रुपये
- पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास – 100 करोड़ रुपये
- हरिद्वार गंगा कॉरिडोर परियोजना – 10 करोड़ रुपये
- ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजना – 10 करोड़ रुपये
- साइबर सिक्योरिटी क्रियान्वयन – 15 करोड़ रुपये
- सरयू व अन्य रिवर फ्रंट योजनाएं – 10 करोड़ रुपये
- आपदा सखी योजना – 2 करोड़ रुपये
- ग्राम प्रहरी योजना – 5 करोड़ रुपये
- शहर और गांव के विकास पर जोर
- विकसित भारत मिशन – 705.25 करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास विभाग – 1642.20 करोड़ रुपये
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम – 40 करोड़ रुपये
- शहरी निकाय – 1814 करोड़ रुपये
- पंचायती राज संस्थाएं – 1491 करोड़ रुपये
- आवास विकास विभाग – 130 करोड़ रुपये
- नगरीय इंफ्रास्ट्रक्चर सुदृढ़ीकरण – 60 करोड़ रुपये
दोस्तो क्या ये बजट चुनाव वाला है। इस बजट को सियासी जानकार से लेकर आम लोगों तक एक ये चर्चा ये कि इस बजट को इस लिए महाबजट के तौर पर पेश किया गया क्योंकि आगे चुनाव है और इस कार्यकाल का सीएम धामी का अंतिम बजट है। इसके अलावा एक और बात ये बजट मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि बजट KEDAR और MANAS की अवधारणा पर आधारित है। इसे कुछ ऐसे समझिए।
KEDAR
- K – कौशल विकास
- E – इकोलॉजी संवर्धन
- D – धरोहर संरक्षण
- A – अवसंरचना निर्माण
- R – रिवर्स माइग्रेशन
केदार के बाद मानस का मतलब क्या है, कई लोग ये जानना चाहते हैं मै बताता हूं।
MANAS
- M – मंगलकारी
- A – अवसर युक्त
- N – नवोन्मेषी
- A – आध्यात्मिक
- S – सांस्कृतिक गतिविधियां
दोस्तो यहां आते-आते जब मै इस बजट को इसके अलावा विभागवार देखें तो उसमें क्या निकलता है। विभागवार प्रमुख बजट प्रावधान में
- माध्यमिक शिक्षा – 542.84 करोड़ रुपये
- उच्च शिक्षा – 146.30 करोड़ रुपये
- तकनीकी शिक्षा – 98.50 करोड़ रुपये
- खेल विभाग – 69.94 करोड़ रुपये
- चिकित्सा स्वास्थ्य व परिवार कल्याण – 195.46 करोड़ रुपये
- पेयजल विभाग – 1827.91 करोड़ रुपये
- आवास विभाग – 291 करोड़ रुपये
- शहरी विकास – 1401.85 करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास – 1642.20 करोड़ रुपये
- ऊर्जा विभाग – 1609.43 करोड़ रुपये
- लोक निर्माण विभाग – 2501.91 करोड़ रुपये
दोस्तों, देखा आपने कि मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने उत्तराखंड के लिए जिस तरह का ‘महाबजट’ पेश किया है, उसमें महिला सशक्तिकरण, गांव और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा जैसे बुनियादी क्षेत्रों पर भी खास ध्यान दिया गया है..बजट के माध्यम से न केवल राज्य के विकास की दिशा तय होगी, बल्कि KEDAR और MANAS जैसी अवधारणाओं के जरिए कौशल विकास, पर्यावरण संरक्षण, नवोन्मेष और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देवभूमि की तस्वीर बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगा। दोस्तों, अब यह देखने की बात होगी कि इस बजट के प्रावधान धरातल पर कैसे लागू होते हैं और जनता तक इसके सकारात्मक असर कैसे पहुंचते हैं।