तो क्या दोस्तो अपने उत्तराखंड में भी रसोई गैस का संकट बढ़ता जा रहा है? जो लोग गैस मिलने की उम्मीद में सुबह से ही लाइन पर लग रहे हैं। उनकी आती तस्वीरें क्या सच नहीं। ये मै इसलिए कह रहा हूं क्योंकि मेरे सामने एक तरफ प्रदेश सरकार का वो भरोसे वाला बयान है। Uttarakhand Gas Cylinder Crisis जो कहता है कि घबराने की जरूरत नहीं है, तो वहीं दूसरी तरफ अपने पहाड़ से लेकर मैदान तक से आती वो वो खबरें जो बता रही है कि संकट बड़ा आ चुका है। कई वायरल वीडियो इसकी तस्दीक कर रहे है? जबकि प्रशासन का साफ तौर पर कहना है कि पैनिक न हों । गैस आपूर्ति को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं है और कौन सच्चा है यहा, क्या आपको हम सबको वाकई घबराने की जरूरत नहीं है या फिर बड़ी परेशानी को कम करने के लिए भोरोसा दिया जा रहा है।दोस्तो अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के कारण पूरी दुनिया में गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर कई तरह की खबरें आ रही हैं, जिनसे भारत भी अछूता नहीं है। भारत में कई राज्यों से गैस सिलडेंरों की किल्लत की खबर सामने आई हैं। इसी बीच सरकार का भी बड़ा बयान आया है।
उत्तराखंड में जहां कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद है तो वहीं घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की भी गैस एजेंसियों के सामने लंबी-लंबी लाइन देखने को मिल रही हैं, जिससे प्रदेश में गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक सिचुएशन क्रिएट हो गई है। हालांकि सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया है कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। दोस्तो ये तस्वीर कहीं और की नहीं बल्कि प्रदेश की राजधानी देहरादून की बताई गई, तो अगर हालात ऐसे तो फिर आम आदमी पेनिक कैसे ना लें। इस तस्वीर से इतर दोस्तो प्रदेश में गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ किया है कि राज्य में किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है और प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। बकायादा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मामले पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कहीं भी पेट्रोल, डीजल या गैस को लेकर कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। अगर कहीं भी इस तरह की शिकायत मिलती है तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ये भी मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. संबंधित विभागों की टीमें बाजार पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरत पड़ने पर छापेमारी भी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से कृत्रिम संकट की स्थिति पैदा न होने पाए। दोसतो कई बार अंतरराष्ट्रीय घटनाओं के कारण बाजार में अफवाहें फैल जाती हैं, लेकिन ऐसी स्थितियों में लोगों को संयम और समझदारी से काम लेने की जरूरत होती है।
सरकार की प्राथमिकता ये ही बताती है कि आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सामान्य बनी रहे लेकिन क्या आप जन भी ये ही सोच रहा है फिर गरेलू महिलाएं या होटल रैस्टोरेंट के मालिक वो भी बताता हूं। दरअसल दोस्तो US-इजराइल-ईरान युद्ध का असर भारत में गैस और कच्चे तेल की सप्लाई पर पड़ा है ये देश भर से आ रही तस्वीरे र खबर बता रही रही। पेट्रोल और डीजल पर अभी तक कोई संकट नहीं आया है, लेकिन LPG की सप्लाई पर असर पड़ा है, और इसका असर दिख रहा है। इसी वजह से सरकार ने कुछ समय के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोक दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट समेत इस बिजनेस से जुड़े दूसरे लोगों को मुश्किलें आ रही हैं। ये भी सच है। इधर उत्तराखंड में भी आम जनता को ऐसी ही मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, जहां घरेलू गैस सिलेंडर खरीदने के लिए गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी लाइनें लगी हैं. वहीं होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं।
दोस्तो सरकार और सिस्टम के भरोसे इतर हैं खबरे जहां मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की बुकिंग पर पूरी तरह से रोक लगा दी है. फिलहाल, सिर्फ हॉस्पिटल, हॉस्टल और इमरजेंसी से जुड़ी जगहों पर ही कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई होगी। राहत की बात ये है कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई रोकी नहीं गई है, बल्कि इसमें बदलाव किया गया है। पहले 21 दिन बाद दूसरा गैस सिलेंडर बुक होता था, लेकिन अब 25 दिन बाद बुक किया जा सकेगा लेकिन इन सब दावों के बाद भी लोग डरे हुए हैं। लोग गैस नहीं मिलने की शिकायतें लगातार कर ही रहे हैं। दोस्तो कमर्शियल गैस की कमी से होटल और रेस्टोरेंट के कारोबारी सबसे ज़्यादा परेशान है। क्योंकि उन्हें कहीं से भी गैस नहीं मिल पा रही है क्योंकि पीछे से ही गैंस की आपूर्ति नहीं हो रही है। वो इस मुश्किल वक्त में सरकार के साथ है, लेकिन सरकार ने जो कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर पूरी तरह के रोक लगाई है, वो गलत है। क्योंकि सरकार के एक भी कमर्शियल सिलेंडर न देने के फैसले का असर खाने-पीने की दुकानों पर पड़ रहा है।