देहरादून: उत्तराखंड में युवाओं को रोजगार मिलना भले ही खुली आंखों से सपना देखना जैसा हो, लेकिन भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक, बैक डोर भर्ती से अपने चहेतों को नौकरी दिलाना और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं में नौकरी माफियाओं की सांठगांठ एक आम सी बात हो गई है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने बेरोजगार युवाओं से बीते 20 वर्षों में आवेदन शुल्क के रूप में करीब 22 करोड़ रुपए(21.75 करोड़) वसूले। हालांकि बीते 2 वर्षों में आयोग ने आवेदन शुल्क के नाम पर कोई धनराशि नहीं वसूली है। इसका खुलासा उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सूचना के अधिकार के तहत आरटीआई कार्यकर्ता और एडवोकेट नदीम उद्दीन को उपलब्ध करायी गयी सूचना से हुआ है।
कोविड महामारी के वर्ष 2020-21 में 12 लाख 26 हजार 379 रूपये तथा वर्ष 2021-22 में 7 करोड़ 40 लाख 64 हजार 201 रूपये की धनराशि लोक सेवा आयोग द्वारा आवेदन शुल्क (परीक्षा शुल्क) से प्राप्त की गयी है। सूचना के अधिकार के तहत उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग से जानकारी मिली है, लेकिन रोजगार के नाम पर क्या कुछ किया है, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते एक साल में लगभग एक दर्जन भर्तियों पर सवाल खड़े हो गए हैं। इतना ही नहीं आयोग के कारनामों की वजह से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में भी लटक गया है। जबकि इन भर्ती घोटालों में कई लोगों की गिरफ्तारी अब तक हो चुकी है।
एडवोवेट नदीम को उपलब्ध विवरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2002-03 में 2 करोड़ 55 लाख 54 हजार 719, वर्ष 2003-04 में 91 लाख 17 हजार 723, वर्ष 2004-05 में 28 लाख 64 हजार 986, वर्ष 2005-06 में 8 लाख 43 हजार, वर्ष 2006-07 में 23 लाख 79 हजार 700, वर्ष 2007-08 में 11 लाख 63 हजार, वर्ष 2008-09 में 3 लाख 89 हजार, वर्ष 2009-10 में 7 लाख 75 हजार, वर्ष 2010-11 में 16 लाख 26 हजार 160, वर्ष 2011-12 में 11 लाख 57 हजार 5, वर्ष 2012-13 में 7 लाख 55 हजार 700, वर्ष 2013-14 में 19 लाख 91 हजार 616, वर्ष 2015-16 में 2 करोड़ 70 लाख 77 हजार 380 तथा वर्ष 2016-17 में 1 करोड़ 49 लाख 07 हजार 510 तथा वर्ष 2017-18 में 3 करोड़ 9 लाख 31 हजार 145 रू. की धनराशि आवेदन करने वालों से प्राप्त की गयी है।
जबकि वर्ष 2019-20 में 2 करोड़ 7 लाख 62 हजार 205 रूपये, कोविड महामारी के वर्ष 2020-21 में 12 लाख 26 हजार 379 रूपये तथा वर्ष 2021-22 में 7 करोड़ 40 लाख 64 हजार 201 रूपये की धनराशि लोक सेवा आयोग द्वारा आवेदन शुल्क (परीक्षा शुल्क) से प्राप्त की गयी है। इतनी भारी-भरकम राशि वसूलने के बाद भी बेरोजगार युवा आज भी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहा है। ऐसे में आप राज्य में बेरोजगारी का पता लगा सकते हैं। मौजूदा समय में सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिन बेरोजगार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन करवा रखे हैं, उनकी संख्या लगभग 8 लाख है।