Uttarakhand Poltics News: उत्तराखंड के पूर्व सीएम और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत अपने अनोखे अंदाज के लिए सुर्खियों में रहते हैं। उनका विरोध और प्रदर्शन करने का तरीका भी अलग होता है। ऐसा ही एक अनोखा धरना फिर देखने को मिला है। जहां हरदा रामनगर-अल्मोड़ा मार्ग पर बने गड्ढे के पास धरने पर बैठ गए और सरकार को जमकर घेरा। दरअसल सोमवार को पूर्व सीएम हरीश रावत अपने पैतृक गांव मोहनरी में एक कार्यक्रम में शामिल होकर रामनगर लौट रहे थे। हरीश रावत ने अल्मोड़ा-रामनगर हाईवे पर मोहान के पास गड्ढों के बीच धरना दिया और उसकी वीडियो सीएम पुष्कर धामी को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार पर तीखे प्रहार किए।
ये #रामनगर को रानीखेत और अल्मोड़ा से जोड़ने वाली सड़क है! और जो उत्तराखंड की सबसे पुरानी सड़कों में से एक है।
यह तीसरी बार आज इस सड़क मार्ग में गड्ढों के पास बैठ करके मैं वीडियो साझा कर रहा हूं। मुझे बहुत दु:ख के साथ यह करना पड़ रहा है।
1/2 pic.twitter.com/5BmhDjY51A— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) April 10, 2023
हरीश रावत ने कहा कि पर्यटन प्रदेश में सड़कों की दर्दनाक कहानी है। रामनगर से रानीखेत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले को जोड़ने वाली इस सड़क की बदहाली को लेकर वे पूर्व में तीन बार धरना दे चुके हैं लेकिन सरकार की नींद नहीं खुली। बावजूद इसके सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे कर सरकार अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की सबसे पुरानी सड़कों में शामिल है जो पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस हाईवे से पर्यटक रानीखेत, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ पहुंचते हैं लेकिन यह सरकार की नाकामी है कि आज यह सड़क गड्ढों से पटी है जबकि इसे एक्सप्रेस-वे बन जाना चाहिए था। आलम यह है कि सरकार गड्ढा मुक्त सड़कों की बात कर पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रही है लेकिन विपक्षी विधायकों को खुद सड़क पर खड़े होकर गड्ढे भरवाने पड़ रहे हैं।