जी हां दोस्तो कैसे देवभूमि में बड़़ा फर्जीवाड़ा हो रहा है, इसकी पोल एक बार फिर खुल चुकी है। बड़ा खुलासा तब हुआ जब खुद को स्वीटी बताने वाली महिला बेगम निकली और निकाला सीधे बांग्लादेश से कनैक्शन। कैसे पुलिस ने किया बड़ा खुलासा। बांग्लादेशी महिला ने कैसे किया फर्जीवाड़ा सब बताऊंगा आपको अपनी इस रिपोर्ट में। दोस्तो एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, दोस्तो पूरे प्रदेश में पुलिस एक के बाद एक ऑपरेशन चला रही है और इन ऑपरेशन में वो सच सामने आ रहा है, जो सालों से छिपाया गया था। मै आपको मै आपको स्वीटी के बेगम निकलने की कहानी बताउं उससे पहले मै आपको पूलिस की कुछ तस्वीरें दिखाना चाहता हूं। दोस्तो ये रात के अंधेरे में पुलिस की चौकसी इस बात की तस्दीक कर रही है कि अपने उत्तराखंड में दिन के उजाले से बचकर रात के घुप अंदेऱे में बड़े बड़े कांड को अंजाम दिया जा रहा है उसी का नतीजा है कि पुलिस लगातार ऑपरेशन दर ऑपरेशन चला रही है। ऐसे में एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर लगातार चल रहा दून पुलिस का सघन चेकिंग अभियान। उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस के अलग-अलग टीमों द्वारा सभी अंतर्जनपदीय/अंतरराज्यीय चेकपोस्ट के साथ साथ आंतरिक मार्गो पर की जा रही सघन चेकिंग। देर रात्रि तक से घूमने वाले व्यक्तियों से की जा रही पूछताछ, संदिग्धों को लाया जा रहा थाने। पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी, लेकिन वहीं दोस्तो हरिद्वार में ‘ऑपरेशन प्रहार’ के दौरान पुलिस ने एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा। खुद को ‘स्वीटी ’ बताने वाली महिला असल में बेगम निकली और बांग्लादेशी निकली। उसके पास फर्जी पासपोर्ट और आधार कार्ड भी मिले हैं।पुलिस के मुताबिक, महिला का यहां रहना और पहचान दोनों ही संदिग्ध थे।यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। जांच जारी है और आगे और तथ्य सामने आने की संभावना है, लेकिन मै आपको इस खेल की असल सच्चाई और पूरी बात बताता हूं।
दोस्तो हरिद्वार ज्वालापुर क्षेत्र में फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे रह रही एक बांग्लादेशी महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। महिला के कब्जे से बांग्लादेशी पासपोर्ट और नेशनल आईडी के साथ-साथ कई फर्जी भारतीय दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। मामले में पुलिस ने दस्तावेज तैयार कराने में मदद करने वाले एक अन्य दिव्यांग आरोपी को भी दबोच लिया है। दोस्तो पुलिस ऑफिस में प्रेस वार्ता करते हुए एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि “ऑपरेशन प्रहार” के तहत ज्वालापुर पुलिस और एलआईयू की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। बुधवार को वैष्णवी एन्क्लेव, रामानंद कॉलेज के पास सत्यापन के दौरान संदिग्ध महिला को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम बदलकर रहना स्वीकार किया। दोस्तो जांच में सामने आया कि आरोपी महिला का असली नाम सहेला बेगम है, जो बांग्लादेश के कुमीला की रहने वाली है। वर्ष 2023 में इंटरनेट मीडिया के जरिए संपर्क में आए श्यामदास के कहने पर वह भारत आई थी। वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से दिल्ली और फिर हरिद्वार में रह रही थी। इतना ही नहीं दोस्तो हरिद्वार पहुंचने के बाद आरोपित ने अपने साथी श्यामदास की मदद से आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, भारतीय पासपोर्ट और मैरिज सर्टिफिकेट जैसे फर्जी दस्तावेज तैयार करा लिए। पुलिस ने श्यामदास को भी गिरफ्तार कर लिया है, जो बिलासपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला है। दोस्तो महिला के कब्जे से बांग्लादेश का पासपोर्ट और नेशनल आईडी कार्ड के अलावा कई फर्जी भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।