उत्तराखंड में सड़कों की खराब हालत का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है। प्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय भी बन रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार ने सड़कों के पैच वर्क के लिए गड्ढा एप जारी किया, जिसमें खराब सड़कों की फोटो के साथ 8000 से अधिक शिकायतें आईं, पर सरकार ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गड्ढा एप जारी किया है। जब से गड्ढा एप बनाया गया है, तब से देहरादून, मसूरी और नैनीताल जैसी जगहों पर सड़कों में और गड्ढे हो गए हैं। उन्हें पैच वर्क करने के बजाए उनको नजरअंदाज किया जा रहा है। इस वजह से कई हादसे भी हो चुके हैं और लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश की सड़कें लगातार खराब हो रही हैं, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश की सड़कों को बदहाल स्थिति में ला दिया है। ऐसे में प्रदेश सरकार को जल्द से जल्द इन सड़कों को ठीक करने का जरूरत है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि सरकार समय-समय पर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए अभियान चलाकर पैच वर्क कर रही है। अभी भी यह काम जारी है। यदि इसमें कोई भी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में बढ़ते सड़क हादसों पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। ऐसे में एक बार फिर से सड़क हादसों पर सियासत शुरू हो गई है।