जी हां दोस्तो कैसे सिस्टम इतना भ्रष्ट हो गया या इतना निकम्मा हो चुका है कि किसी की भी जिंदगी तक चिंता नहीं है। सिस्टम की एक बड़ी लापरवाही ने देवभूमि के एक और लाल की जान ले ली। उत्तराखंड के हर्षित भट्ट की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि नोएडा की सड़क पर बने गड्ढे ने उनकी जिंदगी छीन ली। अब जब हर्षित का शव गाजियाबाद उसके मौजूदा घर पहुंचा तो लोगों में गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन है और देवभूमि के इस बेटे को कब मिलेगा न्याय। दोस्तो हाय रे ये सिस्टम, कैसे इस निकम्मे सिस्टम की भेट किस गर का चिराग चढ रहा है। बीते कुछ वक्त में आपने नोएडा में एसे कई मामले देखे होंगे, लेकिन ये मामला भी सवालों घिरा पड़ा है। दोस्तो नोएडा में बुधवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां गहरे गड्डे में पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक को पानी से बाहर निकाला गया। दोस्तो मै आपको बताउंगा युवका का उत्तराखंड से कनैक्शन, लेकिन उससे पहले ये बता दूं कि जो जानकारी सामने आई वो क्या कहती है।
दोस्तो गाजियाबाद के इंदिरापुरम का रहने वाला हर्षित भट्ट अपने तीन अन्य साथियों के साथ परीक्षा खत्म होने के बाद पिकनिक मनाने सुपरनोवा के पास एक खाली निर्माण स्थल पर गया था। इस दौरान हर्षित पास में ही भरे गहरे पानी में नहाने के लिए उतरा, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह गड्ढा उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव साबित होगा। दोस्तो हर्षित को डूबता देख हड़कंप मच गया, हर्षित का शव गाजियाबाद के शिप्रा रिवेरा सोसाइटी पहुंचा तो कोहराम मच गया और सवालों का शोर भी साफ सुनाई दिया। दोस्तो हर्षित के पिता जो लद्दाख में तैनात हैं वो भी घर पहुंचे, तो अपने इकलौते बेटे की मौत पर जहां गम था वहीं वहीं सवाल इस बात का था कि कैसे और क्यों हर्षित की जान चली गई। दोस्तो सथानीय लोग उनके पड़ोसी परिवार के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। उनका साफ कहना ये कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता है, तब तक मजबूती के साथ परिवार की आवाज बुलंद करने का काम काम किया जाएगा।
दोस्तो जो जानकारी मिली उसके उसके अनुसार हर्षित बहुत ही जिम्मेदार लड़का था और अपने परिवार का बेहद ख्याल रखता था। हर्षित के पिताजी लद्दाख में तैनात है। ऐसे में हर्षित द्वारा ही अपनी मां और बहन का ख्याल रखा जाता था। फिलहाल हर्षित की मौत के बाद परिवार टूट चुका है लगातार रिश्तेदार हर्षित के घर पहुंते माहौल बेहद ही गमगीन था। दोस्तो हर्षित का परिवार इंदिरापुरम रहता है उनके सोसाइटी वाले बताते हैं कि हर्षित भट्ट के पिता ललित चंद्र तकरीबन चार साल पहले परिवार के साथ शिप्रा रिवेरा सोसाइटी में शिफ्ट हुए थे। हर्षित के पिता ललित चंद्र लद्दाख में भारतीय सेना में पोस्टेड है। मां हाउसवाइफ है और हर्षित की एक छोटी बहन है जिसने इसी साल 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दी हैं और दोस्तो परिवार मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़का रहने वाला है। दोस्तो हर्षित की मौत की खबर सोसाइटी में फैलते ही मातम छा गया। हर्षित के रिश्तेदार उनके घर पहुंचना शुरू हो गए हैं। हर्षित की मौत ने जहां एक तरफ परिवार को अंदर से तोड़ दिया है तो वहीं दूसरी तरफ सोसाइटी में भी गम का माहौल है। इसके अलावा दोस्तो स्थानीय लोग हैं है वो कहते हैं कि जिस तरह से घटना बताई गई है वो पूरी तरह से संदेहास्पद है. हर्षित बहुत समझदार लड़का है। उन्होंने सिस्टम की लापरवाही का अंदेशा जताया।
तो दोस्तों, हर्षित भट्ट की मौत ने सिर्फ एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ परिवार का इकलौता सहारा छिन गया, तो दूसरी तरफ सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर कब तक ऐसी लापरवाही लोगों की जान लेती रहेगी? अब देखने वाली बात यह होगी कि जांच में क्या सच सामने आता है और क्या हर्षित के परिवार को इंसाफ मिल पाता है। फिलहाल पूरे इलाके में गुस्सा है और एक ही मांग—न्याय। नोएडा में एक और दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां दोस्तों के साथ घूमने गया 23 साल का लड़का खाली प्लॉट में भरे पानी में डूब गया। नोएडा के सेक्टर 94 में एक मशहूर बिल्डर के खाली प्लॉट में गहरे पानी में एमिटी यूनिवर्सिटी का छात्र हर्षित भट्ट डूब गया। घर का चिराग बुझ गया और सदमे में परिवार किसी से बात करने की स्थिति में भी नहीं है। हर्षित अच्छा तैराक था, लेकिन उसे नहीं पता था कि खाली प्लॉट में इतना गहरा पानी भरा है। दुर्घटना को लेकर नोएडा अथॉरिटी पर सवाल उठ रहे हैं।