हां दोस्तो प्रदेश में मौजूदा वक्त में खूब फेरबदल प्रशासनिक और पुलिस विभाग में देखने को मिल रहा है, लेकिन दोस्तो अपनी मित्र पुलिस का एक नया कारनामा सामने आया है। जहां दोस्तो सैकड़ों पुलिस अधिकारियों का तबादला हो गया, लेकिन इनमें कई ऐसे पुलिस के अधिकारी हैं जो अपना जिला छोड़ने को तैयार ही नहीं है। कैसे पुलिस महकमें में बड़े फेरबदल ने बढ़ा दी टेंशन। बताउँगा आपको पूरी खबर अपनी रिपोर्ट के जरिए। दोस्तो ये खबर थोड़ा हैरान करने वाली हैं, हैरानी इस बात कि कुमाऊं परिक्षेत्र की आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने पुलिस विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी साथ ही आईजी ने एक साथ 526 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर का आदेश जारी किए हैं, जिसमें दरोगा से लेकर कांस्टेबल तक शामिल हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि अगर पुलिसकर्मी अपने नए जिले में नहीं गए, तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी लेकिन आखिर क्यों पुलिस वालों ने अपने ही बड़े अधिकारी की बात को नहीं माना और क्यों 526 पुलिसकर्मियों में से 124 दरोगा जो अपना जिला नहीं छोड़ रहे। थोड़ा गौर कीजिएगा दोस्तो मै आपको उन जिलों के बारे में बताउंगा और साथ ही उन पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के बारे में भी जो विभाग के फैसले को नहीं मान रहे हैं।
दरअसल दोस्तो आईजी ने जांच में पाया कि करीब 124 दरोगा ऐसे हैं, जिनका ट्रांसफर 2021, 2024 या 2025 में ही हो गया था, लेकिन वे अभी भी अपने पुराने जिले और पुरानी कुर्सी के मोह में वहीं रूके हुए हैं। दोस्तो मामला आज से 5 साल पहले के भी हैं। इस संख्या ने खुद पुलिस के आला अधिकारियों को सचने पर मजबूर कर दिया। दोस्तो इस ढिलाई पर आईजी रिद्धिम अग्रवाल काफी नाराज हैं, उन्होंने कहा कि सालों से तबादला होने के बाद भी दरोगाओं को न छोड़ना बहुत गलत है। दोस्तो अब सभी एसएसपी को आदेश दिए हैं कि 10 अप्रैल तक इन पुलिसकर्मियों को हर हाल में रिलीव किया जाए। साथ ही, आदेश न मानने वाले दरोगाओं का वेतन रोकने और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं, लेकिन दोस्तो इस खबर को थोड़ा ऐसे भी समझिए कि किसे क्या मिला है तबादला सूची में कुल 526 पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिसमें दरोगा: 23, एएसआई: 09, हेड कांस्टेबल: 92, कांस्टेबल: 357, अन्य स्टाफ: 45। दोस्तो नैनीताल जिले में काफी समय से दरोगाओं की भारी कमी चल रही थी, वहां आधे पद खाली पड़े थे। इस नई तबादला सूची से नैनीताल को नए अधिकारी मिलेंगे, सोच ये थी जिले को राहत बड़ी मिलेगी जिससे जिले की कानून व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा सकती है, लेकिन द्स्तो जरा उन नामों और जिलों पर गौर कीजिए जो पुलिस में रहते हुए पुलिस के नियम कायदों को ताक में रखते हैं और अपने विभाग और आलाअधिकारियों का अदेश इनके लिए शायद मायने नहीं रखता। दोस्तो प्रमुख तबादलों पर एक नजर: कौन कहां गया?
- अल्मोड़ा से ऊधम सिंह नगर: राजेंद्र कुमार, दिनेश नाथ, अवनीश कुमार, संजय जोशी, अजेंद्र प्रसाद, मीना आर्या।
- चम्पावत से नैनीताल: लक्ष्मण सिंह जगवाण, भुवन चंद्र आर्य, देवनाथ।
- पिथौरागढ़ से नैनीताल: बसंत बल्लभ पंत, प्रदीप कुमार।
- बागेश्वर से नैनीताल: मनवर सिंह, प्रताप सिंह नगरकोटी, विवेक।
- पिथौरागढ़ से ऊधम सिंह नगर: अंबी राम, मनोज पांडेय, मदन सिंह बिष्ट।
- चम्पावत से ऊधम सिंह नगर: निर्मल सिंह लटवाल, दिलवर सिंह, देवेंद्र सिंह बिष्ट, सुरेंद्र सिंह कोरंगा, कैलाश चंद्र और जितेंद्र बिष्ट।
तो दोस्तो, ये था कुमाऊं परिक्षेत्र में पुलिस विभाग का बड़ा फेरबदल और उन 124 दरोगाओं की कहानी, जिन्होंने सालों बाद भी अपने पुराने जिले को नहीं छोड़ा। सवाल यही उठता है क्या विभाग की सख्ती काम आएगी और ये दरोगा अपने नए जिलों में समय पर पहुँच पाएंगे? या फिर यह मामला कानून व्यवस्था और अनुशासन के लिए चुनौती बन जाएगा? देखना ये होगा कि 10 अप्रैल की डेडलाइन तक कौन-कौन कानून का पालन करता है और कौन बनता है नियम तोड़ने वाला। बने रहिए हमारे साथ, क्योंकि उत्तराखंड की पुलिस व्यवस्था में ये हैरान करने वाली कहानी अभी खत्म नहीं हुई है।