जी हां दोस्तो अंकिता मामले में अब मामला कोर्ट कचहरी तक एक बार फिर जा पहुंचा है, एक तरफ जहां बीजेपी प्रदेश प्रभारी ने विपक्षी दलों के खिलाफ केस ठोका तो उधर ऑडियो को लीक कर तहलका मचाने वाली उर्मिला राठौर के पति सुरेश राठौर को हाई कोर्ट से मिल गई राहत। Ankita Murder VIP Controversy अंकिता मामले में राठौर की गिरफ्तारी पर हाई कोर्ट ने लगा दी रोक। क्या पूरी खबर बताउंगा आपको इस रिपोर्ट के जरिए। जी हां दोस्तो अंकिता भंडारी हत्याकांड में बड़ी खबर सामने आई। बीजेपी की तरफ से केस दर्ज होने के बीच, पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। यानी अब अंकिता केस में फिलहाल सुरेश राठौर की गिरफ्तारी नहीं होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से सुरेश राठौर को अस्थायी सुरक्षा मिली है, और मामला अब अदालत की अगली सुनवाई तक ठंडा पड़ गया है। गिरफ्तारी वाला, लेकिन इधर अंकिता को न्याय की मांग तो हर रोज तेज हो रही है। दोस्तो कैसे नैनीताला हाईकोर्ट ने राठौर की गिरफ्तीर पर रोक लगाई है वो बताता हूं।
दोस्तो उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर के खिलाफ हरिद्वार और देहरादून जिले में दर्ज चार मुकदमों में से दो पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ ने दर्ज चार मुकदमों में से उन्हें दो मुकदमों में फौरी तौर पर राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ में एकल पीठ ने राज्य सरकार समेत मुकदमा दर्ज करने वालों को नोटिस जारी करते हुए चार हफ्ते के अंदर अपना पक्ष रखने को कहा है। दरअसल, दोस्तो मामले के अनुसार, BJP के पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर पर हरिद्वार के झबरेड़ा और बहादराबाद और देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना और डालनवाला कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमे में यह कहा गया है कि उनके द्वारा दुष्यंत गौतम की छवि खराब करने के लिए फेसबुक समेत सोशल मीडिया में वीडिओ और ऑडिओ वायरल किए जा रहे हैं। जिसकी वजह से उनकी छवि धूमिल हो रही है। दर्ज मुकदमे में कहा गया है कि इनके (सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर) खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। इधर जबकि याचिकाकर्ता सुरेश राठौर की तरफ से दर्ज 2 मुकदमों को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। दायर याचिका में कहा गया कि उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई जाए और दर्ज मुकदमों को निरस्त किया जाए। उनके द्वारा सोशल मीडिया पर कोई दुष्प्रचार उनके (दुष्यंत कुमार गौतम) खिलाफ नहीं किया जा रहा है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने दो मुकदमों (बहादराबाद, हरिद्वार और डालनवाला देहरादून) पर उनकी गिरफ्तारी पर फौरी तौर पर रोक लगा दी है। साथ ही राज्य सरकार और मुकदमा दर्ज कराने वाले दुष्यंत गौतम, धर्मेंद्र कुमार, संचित कुमार और आरती गौड़ को नोटिस जारी कर कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
दोस्तो मामला अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा कुछ ऑडियो और वीडियो जारी किए गए थे। इन ऑडियो में भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम समेत कई अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। ऑडियो-वीडियो सामने आने के बाद दुष्यंत गौतम, आरती गौड़, संचित कुमार और धर्मेंद्र कुमार समेत अन्य लोगों ने अलग-अलग कोतवाली में सुरेश राठौर के खिलाफ छवि धूमिल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी। हाईकोर्ट पहुंचे सुरेश राठौर के अधिवक्ता ने कहा कि अभिनेत्री उर्मिला द्वारा जारी किए गए सभी ऑडियो और वीडियो पूरी तरह फर्जी हैं और उनका इनसे किसी भी प्रकार का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर द्वारा दुष्यंत गौतम की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह सारा मामला रचा गया है। दोस्तों, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े इस पूरे विवाद में फिलहाल कानूनी मोर्चे पर सुरेश राठौर को राहत जरूर मिली है। नैनीताल हाईकोर्ट ने दो मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और अब अगली सुनवाई तक गेंद अदालत के पाले में है, लेकिन दूसरी ओर, अंकिता को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज़ होती जा रही है। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक सवाल वही हैं—सच क्या है और आखिर जिम्मेदार कौन?अब निगाहें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर हैं, जहां यह तय होगा कि राठौर को मिली यह राहत अस्थायी रहती है या मामले में कोई नया मोड़ आता है।