गैर सनातनियों पर बैन का फैसला कितना सही? | Badrinath | Kedarnath | BKTC | Uttarakhand News

Spread the love

आज हम एक ऐसे विवाद की बात करने जा रहे हैं जो न केवल धार्मिक बल्कि राजनीतिक और सामाजिक रूप से भी बहस का विषय बन गया है। बदरी-केदार मंदिर समिति के एक अहम फैसले ने सियासी गलियारों में तूफान मचा दिया है। Badri Kedar Non Hindu Ban गैर हिंदुओं के मंदिर में प्रवेश पर बैन का यह प्रस्ताव बीजेपी के लिए किस तरह बड़ा संकट बनता जा रहा है? क्या यह फैसला समाज में तालमेल बनाएगा या और विभाजन की आग भड़का देगा?गैर सनातनियों पर इस बैन का फैसला कितना जायज़ और कितना विवादास्पद है? आज हम इसी सवाल के इर्द-गिर्द सच्चाई और राजनीति की परतें खोलेंगे..क्योंकि यह मुद्दा आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति और समाज को गहरे रूप से प्रभावित कर सकता है। एक तरफ बदरी केदार मंदिर समिति के गैर सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध के फैसले के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है सरकार बायलॉज देखकर और सभी हितधारकों से बातचीत के बाद ही इस पर अंतिम निर्णय लेगी। इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह निर्णय मंदिर समिति का है। सरकार इस मामले में मंदिर समिति के बायलॉज का अध्ययन करेगी। उन्होंने कहा यात्रा से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स से चर्चा करने के बाद ही आगे कोई फैसला लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार नियमों और परंपराओं के आधार पर ही निर्णय लेगी। यानी फिलहाल सरकार इस फैसले को लेकर अंतिम रूप से सहमति देने की स्थिति में नहीं दिख रही है। दोस्तो एक तरफ इस बड़े फैसले के बाद जहां विपक्षी ने तमाम तरह के तर्को के साथ BKTC के साथ ही सरकार को घेरना शुरू किया है तो वहीं बीजेपी वालों के बयानों में वो फूल कॉन्फिडेंस नहीं दिखाई दे रहा है। ऐसा क्यों होगा बल दो्सतो इस मामले में केदारनाथ की स्थानीय विधायक आशा नौटियाल ने भी संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा वह लंबे समय से धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखने की पक्षधर रही हैं। मंदिर क्षेत्रों में मांस-मदिरा जैसी गतिविधियों पर सख्त रोक की मांग करती रही हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी तरह की अराजकता नहीं होनी चाहिए। हालांकि, दोस्तो उन्होंने गैर सनातनियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक को लेकर सवाल भी उठाया। उनका कहना है कि बदरीनाथ और केदारनाथ भारत और सनातन धर्म के आस्था के केंद्र हैं। यहां प्रवेश धर्म के आधार पर नहीं बल्कि आस्था के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा जो भी व्यक्ति सनातन और हिंदू धर्म में आस्था रखता है, उसका स्वागत होना चाहिए। आशा नौटियाल ने कहा जब इस फैसले का विस्तृत स्वरूप सामने आएगा, तब देखा जाएगा कि इसका पालन किस प्रकार किया जाना है।

वहीं दोस्तो बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला ने इस फैसले को लेकर सरकार और व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। समिति गैर सनातनियों की बात कर रही है, जबकि वर्तमान व्यवस्था में पंजीकरण और अन्य प्रक्रियाओं के कारण सनातनी श्रद्धालुओं को ही दर्शन में कठिनाई हो रही है। लखपत बुटोला ने आरोप लगाया कि यात्रा पंजीकरण के नाम पर श्रद्धालुओं से शुल्क लेने की तैयारी भी की जा रही है। जब सनातनी श्रद्धालु ही आसानी से दर्शन नहीं कर पा रहे हैं, तो गैर सनातनियों के प्रवेश की बात करना ही बेमानी है। इसके अलावा बात बीजेपी की तरफ फिर से रुख करूं तो बीजेपी के विधायक दीलीप रावत। इस BKTC के फैसले पर कितने कांफिडेंस के साथ जवाब दे रहे हैं। वैसे दोस्तो चारधाम यात्रा से जुड़े कार्यों में अलग-अलग समुदायों के लोग काम करते हैं। इस तरह के फैसले व्यावहारिक नहीं लगता। दोस्तो कांग्रेस वाले इस निर्णय को तुगलकी फरमान बता रहे हैं।

BKTC ने जिन 47 मंदिरों में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है, उनके नाम इस प्रकार हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ ही त्रियुगीनारायण मंदिर, नरसिंह मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, कालीमठ मंदिर, ब्रह्मकपाल शिला एवं परिक्रमा- बदरीनाथ, तप्त कुंड, शंकराचार्य समाधि, मद्महेश्वर, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, कल्पेश्वर, योगध्यान बदरी, भविष्य बदरी, आदि बदरी, वृद्ध बदरी, माता मूर्ति मंदिर, वासुदेव मंदिर, गौरी कुंड मंदिर, आदिकेदारेश्वेर मंदिर, पांच शिला बदरीनाथ (नारद शिला, नृसिंह शिला, बाराही शिला, गरुड़ शिला और मार्कण्डेय शिला), पांच धाराएं (प्रह्लाद धारा, कूर्मा धारा, भृगु धारा, उर्वशी धारा और इंदिरा धारा), ऊखीमठ में उषा का मंदिर, कालिशिला और वसुधारा शामिल हैं। कुल मिलाकर दोस्तो बदरी केदार मंदिर समिति के इस फैसले के बाद धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर बहस शुरू हो गई है। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हुई है, लेकिन आगे चुनाव भी है। ऐसे में इस फैसले को लेकर तरह तरह की राय है लेकिन आप क्या सोचते हो जरूर बताईयेगा।