दोस्तो आज खबर नहीं एक गुहार, सात समंदर पार, अपनों से हजारों मील दूर जब कोई पहाड़ का लाल जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा हो, तो उसकी चीख देवभूमि तक जरूर पहुंचनी चाहिए और पहुंचनी चाहिए सरकार सिस्टम तक तांकि वक्त रहते उसकी मदद हो सके। कैसे कनाडा में जिंदगी की आखिरी जंग लड़ रहा देवभूमि का लाल! इलाज में खत्म हुई जीवनभर की कमाई, तो अब परिवार कैसे और किससे लगा रहा मदद गुहार! बताउंगा आपको पूरी खबर। दोस्तो मेरी एक खबर पर हाल में एक कमेंट आया आप में से किसी ने किया होगा कि आपकी मदद चाहिए, जब मेने पूरे मामले को देखा खंगाला तो मुझे रुला देने वाला ये वीडियो मिला। वैसे तो दोस्तो कनाडा में अपने कई उत्तराखंडी भाई हैं। और यहीं कनाडा में उत्तराखंड के एक जांबाज शेफ शीशपाल सिंह मेहरा पिछले एक महीने से अस्पताल के बिस्तर पर बेबस पड़े हैं। एक ऐसी अचानक आई बीमारी, जिसने न सिर्फ उनके दाएं शरीर को पूरी तरह पैरालाइज कर दिया, बल्कि विदेश की धरती पर उनकी जीवनभर की पाई-पाई और जमा-पूंजी भी छीन ली। आज एक उत्तराखंडी भाई अस्पताल के आईसीयू में खड़ा होकर हम सब की तरफ उम्मीद से देख रहा है। आखिर क्या हुआ शीशपाल के साथ और क्यों आज उन्हें आपकी, हमारी और पूरी सरकार की मदद की सख्त जरूरत है? सब कुछ देखिए आगे के कुछ मिनटों में, दोस्तो पहाड़ों से पलायन कर जब कोई युवा सुनहरे भविष्य के सपने लेकर विदेश जाता है, तो उसके पीछे पूरे परिवार की उम्मीदें होती हैं। उत्तराखंड के शीशपाल सिंह मेहरा भी इसी उम्मीद के साथ कनाडा गए थे। वहां उन्होंने अपनी शेफ की कला से खूब नाम कमाया। लेकिन किसे पता था कि किस्मत एक ऐसा मोड़ लेगी, जहां सब कुछ रातों-रात बिखर जाएगा। पिछले एक महीने से शीशपाल कनाडा के एक अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं।
दोस्तो, लगभग एक महीना पहले, शीशपाल को अचानक एक गंभीर बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन इस जानलेवा बीमारी ने उनके शरीर के दाहिने हिस्से को पूरी तरह से लकवाग्रस्त यानी पैरालाइज कर दिया। जो हाथ कभी लजीज पकवान बनाते थे, जो कदम हमेशा आगे बढ़ने के लिए उठते थे, आज वो एक ही जगह पर थम चुके हैं। विदेश की धरती पर इस तरह के मेडिकल क्राइसिस से गुजरना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है। दोस्तो विदेश में इलाज का खर्च आसमान छूता है, और शीशपाल के मामले में भी यही हुआ। एक महीने के भीतर अस्पताल के भारी-भरकम बिलों ने उनकी जीवनभर की सारी जमा-पूंजी, सारी गाढ़ी कमाई को पूरी तरह खत्म कर दिया है। अब परिवार के पास इलाज को आगे बढ़ाने के लिए पैसे नहीं बचे हैं। यही वजह है कि अब होटल इंडस्ट्री के साथी, उत्तराखंड के प्रवासी संगठन और सोशल मीडिया पर लोग भावुक अपील कर रहे हैं ताकि इस पहाड़ी भाई को वापस पैरों पर खड़ा किया जा सके। दोस्तो शीशपाल सिंह मेहरा इस समय सिर्फ एक मरीज नहीं हैं, बल्कि वो हमारे उत्तराखंड के एक ऐसे बेटे हैं जिन्हें इस वक्त हमारी सामूहिक ताकत की जरूरत है। सरकार से भी अपील की जा रही है कि दूतावास के जरिए उनके परिवार को हर संभव मदद पहुंचाई जाए। अगर आप भी इस पहाड़ी भाई की किसी भी रूप में मदद करना चाहते हैं, तो सोशल मीडिया पर चल रहे आधिकारिक क्राउडफंडिंग लिंक्स और उनके बैंक अकाउंट के जरिए अपना हाथ आगे बढ़ा सकते हैं। क्योंकि पहाड़ का दर्द सिर्फ एक पहाड़ वाला ही समझ सकता है..हां अगर आप को फंडिंग कर रहे हैं तो उसकी सत्यता की जांच जरुर कर लें तभी आगे बढें, मदद जरुरी है लेकिन अलर्ट रहना भी उतना ही जरूरी कमेंट शेयर।