धामी सरकार का सख्त एक्शन, IAS राम विलास यादव 30 जून को रिटायरमेंट से पहले सस्पेंड

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देहरादून: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कारवाई करते हुए आईएएस रामविलास यादव को सस्पेंड कर दिया। वहीं, रिटायरमेंट से पहले ही उनपर गिरफ्तारी की तलवार लटकती नजर आ रही है। हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए यादव ने याचिका दायर की है, लेकिन विजिलेंस परत दर परत तहकीकात कर रही है, जिससे उनके काले कारनामों का बड़ा खुलासा हो सकता है। आपको बता दे, अपर सचिव कृषि व उद्यान रामबिलास यादव इसी माह 30 जून को रिटायरमेंट है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने IAS राम विलास यादव को सस्पेंड कर भ्रष्टाचार को लेकर कड़ा संदेश दिया है। इसके अलावा राम विलास की विजिलेंस जाँच जारी है। मुख्यमंत्री इस बात का पहले की साफ़ शब्दों में संकेत दे चुके हैं कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी को बक्शा नहीं जाएगा। इसी क्रम में एक के बाद एक ताबड़तोड़ कारवाई से भ्रष्ट अफ़सरों की नींद उड़ी हुई है। सरकार ने आठ दिन पहले आईएएस यादव पर कड़ी कारवाई कर दी है। बीती 11जून को विजिलेंस ने यादव के देहरादून और यूपी के कई ठिकानों पर छापे मारे थे। विजिलेंस ने दावा किया है कि छापेमारी में आईएएस व सगे-संबंधियों के पास अकूत संपत्ति मिली है।

 

बता दे, वर्ष 2017 में उत्तराखंड में ज्वाइनिंग देने के बाद याद लोक सेवा आयोग के सचिव के अलावा अपर सचिव ग्राम्य विकास व समाज कल्याण विभाग भी देख चुके हैं। आईएएस यादव छापेमारी के बाद से ही अवकाश पर चल रहे हैं। हाल ही के दिनों में विजिलेंस ने उनके ठिकानों पर छापा मारा था। देहरादून, लखनऊ के साथ कुल 4 स्थानों पर बड़े छापेमारी की कार्रवाई की थी। जिसमें आय से अधिक संपत्ति के मामले में कई दस्तावेज भी बरामद हुए थे। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि देहरादून में आय से अधिक संपत्ति मामले में कई अहम कागजात भी बरामद हुए हैं। रिटायरमेंट से पहले सस्पेंड होने के बाद अब उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। विदित है कि धामी सरकार इससे पहले दो वरिष्ठ आईएफएस अफसरों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिलने पर उन्हें भी सस्पेंड कर चुकी है।