Haldwani बनभूलपुरा में कड़ी सुरक्षा!| Supreme Court | Railway Land | Uttarakhand News

Spread the love

जी हां दोस्तो बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर हल्द्वानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिल रही है। आखिर क्यों सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। क्यों इस बार पीएसी की अतिरिक्त तैनाती, पुलिस गश्त और खुफिया निगरानी तेज कर दी गया। क्यों जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal ने सभी विभागों को अलर्ट कर दिया। बताउंगा आपको पूरी खबर अपनी इस रिपोर्ट के जरिए, दोस्तो नैनीताल जिले के हल्द्वानी के बनभूलपुरा रेलवे अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए एक कंपनी पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों पर नजर बनाए हुए है। वहीं खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। दोस्तो हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे भूमि अतिक्रमण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सुनवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। एहतियातन एक कंपनी पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस प्रशासन ने बनभूलपुरा और आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी है। प्रमुख चौराहों और प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं, लेकिन दोस्तो एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल लगाया गया है।

सोशल मीडिया पर भी प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है। पुलिस की साइबर टीम फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या गलत जानकारी फैलाने वालों पर नजर रख रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। इधर दोस्तो खुफिया एजेंसियां क्षेत्र की गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और हर छोटी-बड़ी सूचना प्रशासन तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और समुदाय के जिम्मेदार व्यक्तियों के साथ संवाद भी बढ़ाया है, ताकि शांति और सौहार्द कायम रखा जा सके। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने के लिए कहा गया है। वहीं दूसरी ओर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कैंप कार्यालय हल्द्वानी में भारतीय रेलवे, नगर निगम, जिला विकास प्राधिकरण एवं ग्राम्य विकास विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक की। बैठक में सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के समयबद्ध और शत-प्रतिशत अनुपालन पर जोर दिया गया। दोस्तो डीएम ने निर्देश दिए कि आदेश की प्रति प्राप्त होते ही सभी विभाग आपसी तालमेल से निर्धारित अवधि में सौपी गई जिम्मेदारियां पूर्ण करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय एवं शासन के निर्देशों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दोस्तो यहां गौर करने वाली बात ये कि बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को 19 से 31 मार्च के बीच विस्तृत सर्वे कराने के आदेश दिए हैं। जिससे प्रभावित परिवारों की सामाजिक, आर्थिक स्थिति और प्रधानमंत्री आवास योजना की पात्रता तय हो सके। जिसके बाद सर्वे रिपोर्ट 31 मार्च के बाद कोर्ट में पेश होगी। दोस्तो 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट में नैनीताल जिला मुख्यालय हल्द्वानी के बनभूलपुरा अतिक्रमण मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कई टिप्पणियां की हैं। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने हुई। दोस्तो बेंच उत्तराखंड हाईकोर्ट के दिसंबर 2022 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उत्तराखंड के हल्द्वानी में सरकारी जमीन पर कथित तौर पर कब्जा करने वाले लगभग 50,000 लोगों को बेदखल करने का आदेश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2023 में हाईकोर्ट के निर्देश पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के नये आदेश ने जहां हल्द्वानी के बनभूलपुरा के लोगों की सांसों रोक सा दिया है। वहीं शासन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती कि बहुत कम समय में सही सर्वे कर कोर्ट में पेश करना है।