जी हां दोस्तो उत्तराखंड के जोशीमठ से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने लोगों के बीच चिंता और चर्चा दोनों को जन्म दे दिया है। रमजान के महीने में नमाज को लेकर शहर में उठे सवाल, और इसके चलते जोशीमठ की डेमोग्राफी पर उठते सवाल क्या सचमुच देवभूमि में हो रहा है धर्मयुद्ध?आज मै उस उस विवाद की बात करूंगा, जहां नमाज को लेकर शहर में पूरा फसाद मचा हुआ है कितने नमाजी आए, कहां से आए, और क्या इससे स्थानीय जीवन और सांस्कृतिक संतुलन पर असर पड़ेगा?इन तमाम सवालों के जवाब, और इस मामले के अंदरूनी पहलू को इस रिपोर्ट के जरिए देखिए और समझिए। जोशीमठ में सरकारी भवन को ही बना लिया इबादत घर, करने लगे नमाज अदा, वीडियो हुआ वायरल तो मचा हंगामा ये ही वो खबर है जिसने बवाल मचा रखा है। दोस्तो यहां मै आपको सबसे पहले ये बता दूं कि ये कोई मसजीद नहीं है। दोस्तो उत्तराखंड के जोशीमठ में एक बार फिर विवाद हो गया है। यहां नमाज पढ़ने को लेकर बवाल हुआ है। दरअसल, एक सरकारी भूमि पर बन रहे टीटी हॉल में लोगों के नमाज पढ़ने का सोशल मीडिया पर जोर-शोर से वीडियो वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही हंगामा खड़ा हो गया। हिंदू संगठनों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी। इस पर प्रशासन अलर्ट हुआ और नगर पालिका ने पूरे हॉल को सील कर दिया। पूरा मामला बताता हूं आपको विस्तार से दोस्तो हाल ही में, जोशीमठ नगर क्षेत्र में स्थित निर्माणाधीन में नमाज अदा किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
बताया जा रहा है कि यह घटना बुधवार देर शाम की है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है और मामला संवेदनशील होता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक यह निर्माणाधीन भवन मीट बाजार क्षेत्र में स्थित है। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ लोग भवन के अंदर नमाज पढ़ रहे हैं। दोस्तो बताया जा रहा है कि इस भवन में खिलाड़ियों के लिए टेबल टेनिस (टीटी) हॉल बनाया जा रहा है. ऐसे में निर्माणाधीन सरकारी भवन में धार्मिक गतिविधि होने को लेकर लोगों ने सवाल उठाए हैं। दोस्तो जोशीमठ के स्थानीय लोगों ने टीटी हाल में नमाज पढ़ने को लेकर आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि ऐसी किसी सरकारी इमारत में कैसे नमाज पढ़ी जा सकती है? पुलिस प्रशासन क्या कर रहा है, क्या नमाज पढ़ने वाले लोगों का सत्यापन किया गया है? ये कौन लोग हैं, जो एकाएक यहां नमाज पढ़ने आने लगे हैं, हर बार नमाज पढ़ने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है? ऐसे में दोस्तो स्थानीय लोगों ने निर्माणाधीन मकान में नमाज पढ़ते हुए लोगों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि नगर पालिका के इस हाल में खेल विभाग को टीटी प्रशिक्षण के लिए दिए जाने की कार्रवाई जारी है। बोर्ड में इसका प्रस्ताव पिछले साल पारित हुआ है, लेकिन अब तक इस पर सिर्फ रंग रोगन व खेल विभाग के सुझाव के क्रम में मरम्मत कार्य चल रहा है। लेकिन इसी नगर पालिका के हाल से निकली इस तस्वीर ने सब को चौका दिया कुछ लोगों ने नमाज पढने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया तो तब कहीं जा कर जिम्मेदार लोग एक्टिव हुए।
दोस्तो वीडियो के सामने आते ही नगर पालिका ने पूरे हॉल को सील कर दिया गया है किसी को भी नमाज पढ़ने की परमिशन नहीं दी गई है। दोनों ही समुदाय के लोगों के साथ बैठक करने के बाद निर्णय लिया गया की हॉल में नमाज अदा नहीं की जाएगी। इसके अलावा किसी भी सरकारी भूमि पर नमाज अदा न करने की हिदायत भी दी गई है। दोस्तों, ये मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है। जोशीमठ में निर्माणाधीन सरकारी भवन में नमाज अदा करने को लेकर उठी यह बहस, स्थानीय प्रशासन और समाज दोनों के लिए एक स्पष्ट संदेश है – सरकारी भूमि और निर्माणाधीन इमारतों का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए।नगर पालिका और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हॉल को सील कर दिया है और दोनों समुदायों के साथ बैठक के बाद स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इससे साफ है कि संवेदनशील मामलों में प्रशासन ने तत्काल कदम उठाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।दोस्तों, देवभूमि उत्तराखंड में सांस्कृतिक संतुलन और कानून का पालन ही सभी के लिए सबसे बड़ा सुरक्षित मार्ग है। रमजान में देवभूमि में धर्मयुद्उत्तराखंड में सचमुच में डेमोग्राफी खतरे में है जोशीमठ में नमाज पर फसाद।