जोशीमठ आपदा से शीतकालीन पर्यटन को लगा झटका..पर्यटन मंत्री बोले उत्तराखंड पूरी तरह सुरक्षित

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जोशीमठ शहर में लगातार हो रहे भू-धंसाव की घटना न सिर्फ राज्य बल्कि केंद्र सरकार के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। इसी बीच उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका असर पड़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल, उत्तराखंड राज्य में जब भी आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न होती है तो उस दौरान उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी देखी जाती है। हालांकि, वर्तमान समय में राज्य में पर्यटकों के आने का सिलसिला काफी अधिक रहता है लेकिन जोशीमठ आपदा के चलते पर्यटकों में डर का माहौल उत्पन्न हुआ है। बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटक होटलों में एडवांस बुकिंग को रद कर रहे हैं। इससे होटल कारोबार और स्थानीय लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है।

हर साल शीतकाल के दौरान लाखों की संख्या में पर्यटक उत्तराखंड की ओर रुख करते हैं, क्योंकि प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी का लुफ्त उठाने के साथ ही शीतकाल यात्रा के लिए भी पर्यटक उत्तराखंड पहुंचते हैं। लेकिन इस बार जोशीमठ में आई आपदा की वजह से पर्यटकों का रुख उत्तराखंड की ओर कम देखा जा रहा है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस बात को लेकर कहा कि जोशीमठ आपदा को सोशल मीडिया पर जिस तरह से प्रचारित किया जा रहा है। उससे पर्यटक बुकिंग रद करा रहे हैं। जोशीमठ को छोड़कर उत्तराखंड में सभी पर्यटक स्थल सुरक्षित हैं। आपदा से निश्चित रूप से शीतकालीन पर्यटन पर असर पड़ा है। सरकार औली में होने वाले शीतकालीन खेलों को संपन्न कराने का भी प्रयास कर रही है।