Kedarnath की परंपरा पर सवाल! ‘रूप छड़’ गायब होने से हड़कंप | Satpal Maharaj | Uttarakhand News

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केदारनाथ धाम में अत्यधिक धार्मिक महत्व रखने वाली बाबा केदार की रूप छड़ अभी बदरी केदार मंदिर समिती (बीकेटीसी) के पास मौजूद नही है. इस लापरवाही को लेकर सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं. वहीँ इस पूरे मामले में मंदिर समिती ने चुप्पी साध रखी है. Roop Chad Of Kedarnath Missing पंडा पुरोहितों का कहना है कि रूप छड़ एक तरह से बाबा केदारनाथ का ही स्वरुप है और इसको लेकर लापरवाही एक बड़ी बात है. हालांकि इसमें बीकेटीसी के तरफ से जारी एक पत्र के सामने आने के बाद मामला स्पष्ट हो गया है. देवभूमि उत्तराखंड में अपने चारों धाम, यहां की देव संस्कृति और देव परंपरा के लिए सनातन धर्म में विशेष स्थान रखते हैं. यहां की पौराणिक मान्यताएं और धार्मिक प्रतीक, चारों धामों की पूजा पद्धतियां पूरे भारत देश और सनातन धर्म के कर्मकांडों को लेकर पथ प्रदर्शक का काम करती हैं. ऐसा ही एक विशेष प्रतीक है केदारनाथ धाम में चल विग्रह डोली के साथ चलने वाला धर्म दंड का, जिसे स्थानीय भाषा में रूप छड़ भी कहा जाता है. इस धर्म दंड (रूप छड़) की केदारनाथ धाम में विशेष मान्यता है और अब यही गायब हैँ. दूसरी तरफ धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज का कहना हैँ कि हम इस पूरे प्रकरण की जाँच करवा रहे हैँ. वहीँ इस पूरे मुद्दे को लेकर विपक्ष सरकार को छोड़ने के मूड में नहीं हैँ और सरकार से सदन में भी जवाब मांगेगा।