उत्तराखंड: भूस्खलन से गौरीकुंड हाईवे का 60 मीटर हिस्सा ध्वस्त, मलबे के नीचे दबा वाहन

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उत्तराखंड में बारिश आसमानी आफत के रूप में लगातार बरस रही है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण मैदानी इलाकों में नदी नाले उफान पर हैं। नदियों ने रौद्र रूप धारण कर रखा है। जबकि पर्वतीय इलाकों में बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई है। भूस्खलन से पर्वतीय मार्गों पर चल रही यात्राओं पर ब्रेक लग गया है। इसी के साथ गुरुवार को केदारनाथ हाईवे पर फाटा के निकट तरसाली में एक बार फिर से भूस्खलन होने की जानकारी मिल रही है। भूस्खलन के कारण तरसाली में हाईवे का लगभग 60 मीटर हिस्सा पूरी तरह से बह गया है। इसी के साथ केदारनाथ यात्रा पर एक बार फिर से ब्रेक लग गया है। बताया जा रहा है कि चट्टान टूटने से एक वाहन भी मलबा के नीचे दब गया है। वाहन के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। मलबा हटने के बाद ही वाहन के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी। घटना के तहत हाईवे पर आवाजाही बंद होने से फिलहाल यात्री भी जगह-जगह फंस गए हैं। केदारनाथ जाने वाले यात्रियों को फाटा तो केदारनाथ से नीचे आने वाले यात्रियों को सोनप्रयाग में रोका जा रहा है।