DGP को करनी पड़ी हाई लेवल मीटिंग, पटरी से उतरी कानून व्यवस्था! | Uttarakhand News | CM Dhami |DGP

Spread the love

जी हां दोस्तो, उत्तराखंड में कानून व्यवस्था की पटरी से उतरती तस्वीर ने सभी को झकझोर दिया है! DGP दीपम सेठ ने हाई लेवल मीटिंग बुलाकर सख्त कार्रवाई की गाज गिरा दी है, और कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जानिए कौन-कौन से प्रकरणों में पुलिस पर हुई सख्ती और क्या है आगे की कार्रवाई! दोस्तो बीते दिनों में कई ऐसे घटनाक्रम प्रदेस में देखने को मिली जहां कानून व्यवस्था को चुनौती खूब दी गई। पुलिस की कार्यशैली को लेकर खूब सवाल हुआ तो फिर लगा की पुलिस पर लोगों का विश्वास उठने लगा है। डर को चुनौती दी जा रही है मेने भी घटनाओं को लेकर अपनी रिपोर्ट के जरिए आपको बताए की कोशिश की, कि आखिर ऐसा क्या हो गया। चारों और अपराध और पुलिसिया कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई। इसमें कई सारे मामले शामिल हैं कई तरफ की लापरवाही पुलिस की तरफ से भी देखने को मिली। इसमें फिर बात ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही हो या फिर देहरादून के बलटनबाजार में महिला की हत्या। इस मामले में बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी सस्पेंड किया गया है।

दोस्तो ऋषिकेश और देहरादून प्रकरण की जांच करेंगी विशाखा अशोक भदाणे: महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संवेदनशीलता के मद्देनजर दोनों प्रकरणों की जांच एसपी क्राइम विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी गई है। जबकि, डीजीपी दीपम सेठ ने घटना में अन्य कर्मियों की ओर से शिथिलता बरते जाने की 7 दिन के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने ली लॉ एंड ऑर्डर को लेकर हाई लेवल मीटिंग कर साफ संदेश देने का काम किया। यहां मै आपको बता दूं कि 3 फरवरी उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने अपराध और कानून व्यवस्था पर हाई लेवल समीक्षा बैठक आयोजित की। जिसमें गंभीर आपराधिक घटनाओं में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। दोस्तो उधर हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में बिनारसी गांव में रविदास जयंती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष और फायरिंग की घटना में गंभीर लापरवाही पर हल्का प्रभारी चुड़ियाला एसआई सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पूरे प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक क्राइम हरिद्वार जितेंद्र मेहरा को सौंपी गई है। अन्य पुलिस कर्मियों की लापरवाही पर विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी गई है। इसके अलावा उधम सिंह नगर के काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि संबंधी मामले में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ आरोपों के मद्देनजर भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों में निष्पक्ष व कार्रवाई के लिए अनिवार्य रूप से सीओ स्तर पर समय से जांच के निर्देश दिए गए हैं।

सीओ की ओर से पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल या क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा। उसके बाद ही अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लंबित भूमि संबंधी मामलों की पुलिस मुख्यालय से लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। वहीं, देहरादून युवती की हत्या की घटना में जल्द कार्रवाई के लिए देहरादून एसएसपी अजय सिंह की ओर से जिला स्तर पर एसपी सिटी के पर्यवेक्षण में एसआईटी टीम का गठन किया गया है। मुकदमे की विवेचना प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर को सौंपा गया है। एसआईटी की ओर से प्रकरण में दर्ज मुकदमे में विवेचना की गुणवत्ता, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्यों के संकलन, घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेजों का अवलोकन व मौके पर मौजूद चश्मदीदों के बयानों के आधार पर जल्द कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जाएगा। ताकि, प्रकरण को न्यायालय में फास्ट ट्रैक ट्रायल कराकर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाया जा सके। “दोस्तो, उत्तराखंड में कानून और व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच पुलिस ने भी साफ संदेश दे दिया है – लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर प्रकरण की निष्पक्ष जांच, समय पर कार्रवाई और फास्ट ट्रैक ट्रायल के जरिए दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। जनता की सुरक्षा और कानून की प्राथमिकता हमारी सरकार और पुलिस की पहली जिम्मेदारी है। आइए, हम सभी सतर्क रहें और अपने समुदाय को सुरक्षित बनाने में पुलिस का सहयोग करें।