उत्तराखंड में शिकारी वन्यजीवों का आतंक बढ़ता ही जा रहा है। इसी कड़ी में रुद्रप्रयाग के सिंद्रवाणी क्षेत्र में गुलदार ने 5 साल के मासूम बच्चे को अपना निवाला बना लिया। बच्चे का शव गांव से एक किमी दूर क्षत-विक्षत स्थिति में मिला है। Rudraprayag Leopard Attack प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चार और पांच फरवरी को क्षेत्र के आठ विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है। अवकाश घोषित विद्यालयों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमसील, सारी, सिंद्रवाणी, झालीमठ, छिनका, हिलोरीधार, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय छिनका तथा जनता हाई स्कूल ककोड़ाखाल शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीण अपने बच्चों को घरों से बाहर भेजने से डर रहे हैं। स्कूल जाना, खेतों में काम करना और शाम ढलते ही बाहर निकलना अब खतरे से खाली नहीं रहा। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार आबादी क्षेत्र में बेखौफ घूम रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहे हैं। यह पहली घटना नहीं है। रुद्रप्रयाग समेत आसपास के जिलों में पिछले कुछ महीनों में गुलदार के हमलों में कई मासूम, महिलाएं और बुजुर्ग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद न तो स्थायी समाधान निकाला गया और न ही संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के ठोस इंतजाम किए गए।