Uttarakhand BJP: त्रिवेंद्र सरकार के बाद धामी सरकार में भी भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को दायित्वों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। धामी सरकार ने अभी तक दायित्वों का बंटवारा नहीं किया है। उत्तराखंड भाजपा में दायित्व के नाम पर कार्यकर्ताओं को एडजस्ट करने को लेकर सरकार खासी सुस्त दिखाई दे रही है। मौजूदा भाजपा सरकार ही नहीं बल्कि 2017 के बाद सत्ता में आयी त्रिवेंद्र सरकार ने भी कार्यकर्ताओं को लंबा इंतजार करवाया था। सरकार के विभिन्न बोर्डों, निगमों और समितियों में शासन को अभी तक 88 खाली पदों का ब्योरा प्राप्त हुआ है। इनमें सदस्यों की संख्या को जोड़कर खाली पदों की संख्या 100 से अधिक है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आने वाले दिनों में दायित्वों की घोषणा कर सकते हैं।
होली से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को दायित्व की सौगात मिल सकती है। मंत्रिपरिषद अनुभाग ने पिछले दिनों सभी विभागों से उनके अधीन बोर्डों, निगमों, आयोगों और समितियों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, सलाहकार के पदों की स्थिति का ब्योरा मांगा था। विभागों से प्राप्त विवरण के अनुसार, राज्य सरकार की इन विभिन्न संस्थाओं में मंत्री स्तर के 24 अध्यक्ष पद खाली हैं। कुछ अन्य विभागों से सूचना मिलने के बाद यह संख्या बढ़ सकती है। इसी तरह 64 खाली पद हैं, जिन पर सरकार उपाध्यक्ष मनोनीत कर सकती है। इनके अलावा बड़ी संख्या में सदस्यों के पद भी खाली हैं। खाली पदों का ब्योरा प्राप्त होने के बाद अब प्रदेश भाजपा नेतृत्व होमवर्क में जुट गया है। जल्द ही दायित्वों का बटवारा होगा।