देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध शक्तिपीठ धारी देवी मंदिर में नवरात्र से ठीक पहले भव्यता और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में ऐसा परिवर्तन हुआ है कि अब यहां आने वाले श्रद्धालुओं को पहले से कहीं ज्यादा दिव्य और मनमोहक दर्शन होंगे। Dhari Devi Temple Phone Ban मां धारी देवी के दरबार को नवरात्र से पहले खास तौर पर सजाया और संवारा गया है, जिससे पूरा मंदिर परिसर और भी दिव्य और भव्य नजर आ रहा है। दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए यहां की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। आखिर नवरात्र से पहले मंदिर में ऐसा क्या हुआ है, जिसने इसकी भव्यता को और बढ़ा दिया। दोस्तो भारत में शक्ति के कई ऐसे पावन धाम हैं जहां हर दिन कोई न कोई चमत्कार देखने को मिलता है। उत्तराखंड में अलकनंदा नदी के बीचों-बीच स्थित धारी माता का मंदिर इन्हीं पावन धामों में से एक है, जहां देवी की प्रतिमा दिन में तीन बार अपना रूप बदलती है लेकिन यहां अब रात को मंदिर की भव्यता, दिव्यवता देखने को मिलेगी। दोस्तो नवरात्र शरुआत होने वाली है, लेकिन इस बार मां धारी देवी मंदिर की संदरता में चांद लगने जा रहा है। दोस्तो चारधाम यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव कराने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीनगर स्थित प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर परिसर को आकर्षक वॉल वॉशर लाइटिंग से सजाया गया है।
दोस्तो आधुनिक तकनीक से स्थापित की गई रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर परिसर रात के समय अत्यंत भव्य और मनमोहक दिखाई दे रहा है। शाम ढलते ही मंदिर परिसर में जगमगाती रोशनी का दृश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा के साथ-साथ उसकी खूबसुरत भव्यता भी और अधिक निखर कर सामने आ रही है। दोस्तो पैड़ी की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया कि माने तो धारी देवी मंदिर एक पौराणिक एवं आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इसी को देखते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं और एक यादगार अनुभव का एहसास करने के मकसद से जिला प्रशासन लगातार कोशिश कर रहा है। दोस्तो इससे पहले भी उपजिलाधिकारी और पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए थे कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को और अधिक आकर्षक बनाया जाये जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। दोस्तो अब इसी क्रम में धारी देवी मंदिर परिसर में आधुनिक और प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग व्यवस्था स्थापित की गई है। दोस्तो राज्य सरकार और जिला प्रशासन चारधाम यात्रा को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी दिशा में यात्रा मार्ग के प्रमुख धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार से जुड़े काम भी किए जा रहे हैं।
दोस्तो जिलाधिकारी के निर्देशानुसार लाइटिंग व्यवस्था का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया गया है। यह अत्याधुनिक प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग सिस्टम है. जिसका संचालन कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है। इस प्रणाली के माध्यम से विभिन्न रंगों और पैटर्न की रोशनी मंदिर परिसर में प्रदर्शित होती है जिससे रात के समय मंदिर की भव्यता और अधिक आकर्षक दिखायी देती है। दोस्तो कंपनी द्वारा 2 मार्च को ये काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया था और इस पहल में मंदिर समिति, स्थानीय नागरिकों और संबंधित विभागों का भी सक्रिय सहयोग रहा। जिससे मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण का काम समयबद्ध रूप से पूरा हो सका मंदिर के पुजारी लक्ष्मी प्रसाद पाण्डेय ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धारी देवी मंदिर चारधाम यात्रा मार्ग पर स्थित एक प्रमुख आस्था केंद्र है। जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यात्रा के दौरान यह संख्या और भी बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में स्थापित आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ एक सुंदर और आकर्षक अनुभव भी प्राप्त होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि रंग-बिरंगी रोशनी से सजा मंदिर परिसर अब रात के समय अत्यंत आकर्षक दिखाई दे रहा है। दोस्तो अलकनंदा नदी के तट पर स्थित प्राचीन शक्तिपीठ मां धारी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्रों में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा संगम दिखाई दे रहा है।
नवरात्रों के इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा है। सुबह से ही दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए कतारों में खड़े दिखाई देते हैं। भजन-कीर्तन और मां के जयकारों से पूरी घाटी गूंज यहां सुनाई देती है। एक बार फिर नवरात्र से पहले मां का धाम भव्यता के साथ तैयार है। दोस्तो मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक भी पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। दोस्तो धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां धारी देवी उत्तराखंड की रक्षक देवी के नाएम से जानी जाती है। लोगों के अनुसार मंदिर में स्थापित मां की मूर्ति दिनभर में तीन बार स्वरूप बदलती है—सुबह बालिका, दोपहर में युवती और रात को वृद्धा के रूप में दर्शन देती हैं। ये अद्भुत स्वरूप परिवर्तन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। धारी देवी मंदिर के पुजारी कहते हैं कि नवरात्रों में मां धारी देवी की विशेष पूजा करने से भक्तों के जीवन से संकट दूर होते हैं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इन नौ दिनों में प्रतिदिन अलग-अलग रूपों में मां की आराधना की जाती है। इस दौरान श्रद्धालु व्रत, भजन-कीर्तन और सामूहिक हवन-पूजन में भी भाग ले रहे हैं।
दोस्तो इस बार नवरात्र से पहले ही मां का धाम अपने भक्त के लिए तैयार दिखता है। नवरात्रों के अवसर पर मंदिर परिसर में मेले जैसा माहौल भी देखने को मिलता है। दोस्तो ययहां ग्रामीण अंचल ओर अन्य प्रदेशों से आए श्रद्धालु न केवल पूजा-अर्चना करते बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को भी जानते हैं। महिलाओं द्वारा पारंपरिक वेशभूषा में किए जाने वाले भजन और झांकियां वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना देती हैं। दोस्तो देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु मानते हैं कि मां धारी देवी का आशीर्वाद जीवन को नई दिशा देता है। कई भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां विशेष अनुष्ठान करते है। मंदिर के चारों ओर अलकनंदा नदी की कल-कल धारा और हरी-भरी घाटियों का सौंदर्य भी श्रद्धालुओं को भक्ति और प्रकृति का अद्भुत संगम अनुभव कराता है। धारी देवी मंदिर नवरात्र से ठीक पहले अपनी भव्यता और दिव्यता के नए रूप में सज-धज कर तैयार है। रंग-बिरंगी रोशनी, प्रोग्रामिंग आधारित लाइटिंग और सजावट ने मंदिर परिसर को रात में भी बेहद मनमोहक और आकर्षक बना दिया है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सिर्फ मां धारी देवी के दर्शन ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ चारधाम यात्रा का यादगार अनुभव भी मिलेगा। प्रशासन, मंदिर समिति और स्थानीय स्वयंसेवक सभी मिलकर इस पावन धाम को हर भक्त के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने में जुटे हैं तो दोस्तों, नवरात्र के इस पावन अवसर पर अगर आप उत्तराखंड आएं, तो धारी देवी मंदिर की दिव्यता और भव्यता का अनुभव अवश्य करें। यह मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि आध्यात्म और संस्कृति का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है।