जी हां दोस्तो बीजेपी की मंत्री के पति के विवादित बयान से बिहार से लेकर उत्तराखंड तक घिर रही बीजेपी, अब बीजेपी ने किनारा किया है। सीधे कहूं तो पति के महिलाओं पर दिए विवादित बयान पर अकेली पड़ी मंत्री रेखा आर्या क्योंकि पार्टी ने इस बार नहीं दिया साथ। Girdhari Lal Sahu’s controversial statement कैसे कांग्रेस ने इस पर लगा दिया बड़ा आरोप वो और भी चौकाने वाला है। दोस्तो उत्तराखंड में मौजूदा वक्त में सियासी भूचाल आया हुआ है। एक तरफ अंकिता केस को लेकर घिरी बीजेपी अब मंत्री रेखा आर्या के पति द्वारा महिलाओं पर दिए गए बयान पर ऐसे चक्रव्यूह में जा चुकी है। जहां से निकलते नहीं बन रहा दोस्तो महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या के पति के विवादित बयान के बाद अब सियासी समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पार्टी ने मंत्री के पति से किनारा कर लिया है? और क्या इस चुप्पी ने विपक्ष को बड़ा मुद्दा थमा दिया है? कांग्रेस इसे महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए सीधे बीजेपी पर बड़ा आरोप लगा रही है, तो वहीं बीजेपी इसे निजी बयान बताकर दूरी बना रही है। रिपोर्ट में बताउंगा आपको क्यों मंत्री को नहीं मिला पार्टी का खुला समर्थन और वो कौन सा आरोप है जिससे बीजेपी की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। दोस्तो उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा शांत भी नहीं हुआ कि अब बीजेपी की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने महिला को लेकर एक विवादित बयान दे डाला जिसके बाद प्रदेश भर में हंगामा हो गया।
कांग्रेस भी इस मामले पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और बीजेपी सरकार को घेरने में लगी हुई है। इन सबके बीच बीजेपी ने भी गिरधारी लाल साहू से किनारा कर लिया। उत्तराखंड बीजेपी के मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने तो गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान पर यहां तक कह दिया है कि कोई भी व्यक्ति जो इस प्रकार की सोच करता हो या इस तरह के वक्तव्य देते हो उनके खिलाफ भारत के संविधान के अनुसार जो कार्रवाई होती है, वो होनी चाहिए। वहीं मनवीर चौहान से जब सवाल किया गया कि गिरधारी लाल साहू जिन्होंने महिलाओं के बारे में विवादित बयान दिया है, वो बीजेपी की ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति है। इस पर मनवीर चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी का इससे कोई लेना देना नहीं है और ऐसी सोच का हमारी पार्टी कभी समर्थन भी नहीं करती है। अगर कोई मामला आता है तो निश्चित रूप से सरकार और प्रशासन भी मामले का संज्ञान लेता है। ऐसे मामलों में सरकार बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करती है। दोस्तो बीजेपी भले ही कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान से अपना पल्ला झाड़ रही हो, लेकिन कांग्रेस, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और बीजेपी को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कांग्रेस गिरधारी लाल साहू के विवादित बयान को ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) से जोड़ रही है। कांग्रेस का कहान है कि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू ने जो बात कही है, वो बहुत ही गंभीर विषय है कि बिहार में 20 से 25 हजार रुपए में लड़कियां मिल जाती है इसीलिए ये जनना जरूरी है कि वो कौन से क्षेत्र की बात कर रहे है। उन्हें कैसे पता कि 20 से 25 हजार ही है, उससे ज्यादा या कम नहीं है। इसीलिए इस मामले में जांच की जरूरत है. इस मामले में पुलिस को भी संज्ञान लेना चाहिए। एक तरफ उनके घर में महिला कल्याण की बात हो रही है और दूसरी तरफ महिलाओं को खरीदने-बेचने की बात हो रही है। वैसे दोस्तो इस मामले पर बिहार महिला आयोग ने नोटिस जारी किया है। वहीं उत्तराखंड का महिला आयोग की तरफ से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन दोस्तो अब आपको मै वो बयान भी दिखा रहा हूं गिरधारी लाल साहू का विवादित बयान है क्या तो साफ है कि मामला सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रहा। ये अब राजनीतिक जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और महिला सम्मान से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। एक तरफ बीजेपी इस बयान से दूरी बनाती दिख रही है,तो दूसरी तरफ कांग्रेस इसे सरकार की सोच से जोड़कर लगातार हमलावर है।