चमोली: उत्तराखंड के जोशीमठ में आज से असुरक्षित इमारतें गिराने का काम शुरू हो गया है। भू-धंसाव के चलते तमाम घरों और होटलों में पड़ी दरारें बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन ने असुरक्षित जोन घोषित किए हैं। वहीं, रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने जोशीमठ के आर्मी बेस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया। बैठक के बाद अजय भट्ट ने सुनील वॉर्ड में प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा जताया। अजय भट्ट ने लोगों से कहा कि केंद्र और राज्य सरकार युद्धस्तर पर काम कर लोगों को आपदा से निकाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पीएम मोदी इस मामले में पल-पल की खबर ले रहे हैं। केंद्र सरकार से हर सभव मदद दी जा रही है। लोगों ने कहा कि यह कष्टकारी है कि हमें अपने घर छोड़ने पड़ रहे हैं। हमारे मन में यह सवाल कौंद रहा है कि आखिर हमको किस गुनाह की सजा मिल रही है। जोशीमठ में आई आपदा से लोग गमजदा हैं। प्रशासन असुरक्षित घरों से लोगों को राहत शिविरों में पहुंचा रहा है। पुरखों की ओर से बनाए और अपनी जमा पूंजी लगाकर खड़े किए सपनों के घरों को छोड़ते समय लोग भावुक हो रहे हैं। भारी मन से घर का सामान कंधे पर रखकर लोग शिविरों की ओर रुख कर रहे हैं।
चमोली जिले में चीन सीमा के सबसे करीबी नगर जोशीमठ के अस्तित्व पर भू धंसाव ने संकट खड़ा कर दिया है। भवनों, दुकानों, सड़कों आदि में आ रही दरारों से हर किसी के रात-दिन खौफ के साए में कट रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर चेहरे पर डर का भाव देखा जा सकता है। वहीं, जिला प्रशासन की हिदायत पर रिहायशी इलाकों के लोग घर खाली करके जा चुके हैं। बहुत सारे लोग अभी भी सामान समेट रहे हैं। ये लोग जोशीमठ छोड़कर जाने की तैयारी में हैं। जोशीमठ में भू-धंसाव के चलते अब तक पौने साथ सौ से ज्यादा घरों में दरारें पड़ चुकी हैं। इतना ही नहीं कई जगहों पर सड़क तक फट गई है। जमीन के नीचे से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है।