Dehradun: उत्तराखंड की खेल और युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्य ने विभागीय अधिकारियों की बैठक ली। साथ ही प्रांतीय रक्षक दल पदाधिकारियों के साथ मिलकर पीआरडी एक्ट, नियमावली और पीआरडी जवानों से जुड़े विषयों पर सीएम की घोषणा व पूर्व में हुई बैठक के निर्णयों पर कितना काम हुआ? इसको लेकर समीक्षा की। रेखा आर्य ने जल्द ही पीआरडी विभाग की नियमावली में जरूरी संशोधन कर इसी महीने के आखिर तक जिओ जारी करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि पीआरडी एक्ट में संशोधन के बाद पीआरडी में तैनात गर्भवती महिलाओं को मैटरनिटी अवकाश, जवानों को मानवीय, फाइनेंशियल और राजकीय रूप से प्रोविजन सेवाओं का प्रावधान, 60 साल की उम्र तक पीआरडी सेवकों को नौकरी के अलावा पीआरडी एक्ट 1948 में संशोधन के बाद सेवा में कई बदलाव किए जाने हैं। विभागीय मंत्री रेखा आर्य का कहना है कि इन सभी बदलाव का पीआरडी जवानों को दी जाने वाली सुविधाओं पर असर पड़ेगा। साथ ही नए जिओ के लागू होने के बाद राज्य में स्वयंसेवकों के रूप में सेवा देने वाले लोगों को भविष्य में इसका लाभ मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का कहना है कि उत्तराखंड की धामी सरकार और युवा कल्याण विभाग पीआरडी जवानों के साथ हर तरह की परिस्थितियों में खड़ा है। गौर हो कि उत्तराखंड में अभी भी पीआरडी एक्ट 1948 उत्तर प्रदेश का लागू है। यह तब से ऐसे ही चला आ रहा है। उत्तराखंड ने अब तक अपना कोई पीआरडी एक्ट नहीं बनाया है, लेकिन अब इसकी कवायद तेज हो गई है। पीआरडी एक्ट को कैबिनेट प्रस्ताव में मंजूरी मिली है। जिसके चलते अब उत्तराखंड का अपना पीआरडी एक्ट बनने जा रहा है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य का कहना है कि अब तक यह एक्ट पीआरडी जवानों के लिए केवल सुरक्षा कर्मी के दायरे तक सीमित रहता था, लेकिन अब पीआरडी के दायरे को बढ़ाते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में जैसे कि टेक्निकल, फोर्थ क्लास या फिर अन्य किसी विभागों में जहां उसकी जरूरत हो, उसे वहां समायोजित किया जाने का प्रावधान रखा है। इसके अलावा पहले प्रांतीय रक्षक दल में रजिस्ट्रेशन के लिए आयु सीमा 18 से 45 वर्ष तक और स्वयंसेवक की उम्र 50 वर्ष तक निर्धारित थी, जिसे अब बदलकर में 18 से 42 वर्ष और जवानों को 60 वर्ष तक कार्य करने के अवसर देने का प्रावधान रखा गया है।